--अभिजीत पाण्डेय
पटना - बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज।
भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव बृहस्पतिवार को सर्वसम्मति से विधानसभा अध्यक्ष बनाए गए। उनके निर्वाचन के पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सदन का नेता व तेजस्वी यादव को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा दिए जाने की सूचना को सदन में पढ़ा।
नंदकिशोर यादव विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए दो दिन पहले नामांकन किया था। विधानसभा अध्यक्ष पद के निर्वाचन के लिए गुरुवार को उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी ने 15 प्रस्तावकों की सूचना को सदन में पढ़ा।
प्रस्ताव देने वालोे में विजय कुमार चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, जनक सिंह, रामप्रीत पासवान, विनोद नारायण झा, कृष्ण कुमार ऋषि, प्रमोद कुमार, संजय सरावगी, श्यामबाबू प्रसाद यादव, अनिल कुमार, सुनील मणि तिवारी, संजीव चौरसिया, सुमित कुमार सिंह, प्रफुल्ल कुमार मांझी व प्रेम कुमार शामिल थे।
इस प्रस्ताव के अनुमोदनकर्ता के रूप मे श्रवण कुमार, हरिभूषण ठाकुर बचौल, पवन कुमार जायसवाल, अशोक कुमार सिंह, राणा रंधीर, पवन कुमार यादव, राम सिंह, अरुण शंकर प्रसाद, जयप्रकाश यादव, प्रणव कुमार, कृष्णनंदन पासवान, ज्ञानेंद्र सिंह, रामसूरत कुमार, रामचंद्र प्रसाद व रामनारायण मंडल थे।
विधानसभा उपाध्यक्ष ने इस प्रस्ताव के समर्थन में जो लोग हैं उन्हें हां कहने को कहा। इस पर संपूर्ण सत्ता पक्ष ने एक साथ हां कहा। वहीं जो इस प्रस्ताव के खिलाफ हैं उन्हें ना कहने को कहा। विपक्ष से किसी ने भी ना नहीं कहा। इस पर उन्होंने नंदकिशोर यादव के सर्वसम्मति से विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की।
आसन के निर्देश पर परंपरा के हिसाब से सदन के नेता के रूप में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नंदकिशोर यादव को अध्यक्ष के आसन पर पहुंचाया।