--अभिजीत पाण्डेय
पटना - बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज।
राज्यसभा सांसद की शपथ लेते ही नीतीश बिहार के पांचवें राजनेता हो गये, जो चारों सदनों के सदस्य रहे हैं। नीतीश से पहले पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा और नागमणि भी चारों सदनों के सदस्य रह चुके हैं।
दस बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नीतीश कुमार के नाम इस्तीफा देने का भी रिकॉर्ड दर्ज है।
जेपी आंदोलन से बिहार की राजनीति में कदम रखने वाले नीतीश कुमार ने दो बार विधानसभा, एक बार लोकसभा, एक बार विधान परिषद और पांच बार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया है, वहीं एक बार केंद्रीय मंत्री पद से भी इस्तीफा दिया है। इसके अलावे उन्होंने एक बार जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दिया है। हाल में ही एमएलसी पद छोड़ा है और अब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं। यानी एक दर्जन बार से अधिक इस्तीफा देने का रिकॉर्ड नीतीश कुमार बना रहे हैं।
तकनीकी तौर पर अगर इस्तीफों की फेहरिस्त की बात करें तो नीतीश कुमार ने 2010, 2015, 2020 और 2025 चुनाव के बाद भी इस्तीफा दिया था। असल में इन चुनावों में जीतने के बाद फिर से सरकार बनाने के लिए मौजूदा मुख्यमंत्री को पद से इस्तीफा पड़ता है।