--अभिजीत पाण्डेय
पटना - बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज।
बिहार विधानसभा में नीतीश कुमार ने विश्वास मत हासिल कर लिया है। एनडीए सरकार के समर्थन में 130 विधायकों ने वोट डाले हैं। विपक्ष ने नीतीश कुमार के भाषण के दौरान ही वॉकआउट कर दिया था।
नीतीश कुमार ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार की जनता जानती है कि जब इनके (तेजस्वी यादव) माता-पिता 15 साल तक सरकार में रहे, तब बिहार की क्या स्थिति थी। कोई आदमी शाम को घर से बाहर निकलने के बारे में सोच भी नहीं सकता था। लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ता था। हिंदू-मुस्लिम के नाम पर आए दिन झगड़े हुए करते थे, लेकिन हम जब आए तब शांति स्थापित हुई। 2005 से पहले का इतिहास आपको देखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सात निश्चय लेकर 2015 में आया था। यह मेरा आइडिया था, जिसको लेकर मैं काम कर रहा था। उस समय यह (राजद) लोग भी मेरे साथ थे। हमने साथ में काम किया था। शुरू सब कुछ ठीक तरह से चल रहा था, लेकिन कुछ समय बाद ही गड़बड़ करना शुरू कर दिया था। फिर मुझे दोबारा एनडीए के साथ जाना पड़ा।
नीतीश कुमार ने कहा कि हम वापस एनडीए के साथ जुड़ गए हैं। हम दोबारा अपनी पुरानी जगह पर आए हैं। हमारा लक्ष्य किसी को भी नुकसान पहुंचाना नहीं है। हम सबके लिए काम करेंगे। आपने (राजद) जिस समुदाय के बारे में बात की है, हमें उनके हित में काम करना है।