कामयाब रहा विजयवर्गीय का विजन...



--विजया पाठक (एडिटर, जगत विजन)
भोपाल - मध्य प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज

● मध्यप्रदेश की सत्ता से लेकर पश्चिम बंगाल तक अपनी कार्यकुशलता का परचम लहरा चुके हैं कैलाश विजयवर्गीय

● भाजपा की बड़ी जीत में कैलाश विजयवर्गीय चमके,103 सभाओं करके जिता ले गए 90 सीटें

● इंदौर में 9/9, मालवा में बढि़या प्रदर्शन के साथ प्रदेश की पूरी आदिवासी सीटों का था प्रभार

● मध्यप्रदेश में चला मोदी मैजिक, अमित शाह की व्यूह रचना से भाजपा का परचम फैला

कोई पार्टी या संगठन किसी भी राज्य में तभी सरकार बनाने में कामयाब होता है जब उस पार्टी के नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर काम करें। सभी पूरी एकाग्रता के साथ क्षेत्र और नगर में विकास की नींव रखें और उसे पूरा करने में निरंतर जुटे रहें। मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में पूर्व मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने ऐसी ही सक्रियता दिखाई है। इंदौर की सभी विधानसभा सीटों में भाजपा ने जो क्लीन स्वीप किया है वह इस बात का प्रमाण है कि इंदौर जिले में विजयवर्गीय की लोकप्रियता आज भी वैसी ही है, जैसे पहले थी। विजयवर्गीय की 103 सभाओं में 95 प्रतिशत में जीत हुई। इंदौर में सभी सीटें जितवाने में कामयाब रहे। विजयवर्गीय को इंदौर -1 से कांग्रेस के संजय शुक्‍ला के सामने उतारा गया। यह सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती थी। लेकिन पार्टी ने कैलाश विजयवर्गीय को कांग्रेस के इस किले को भेदने की जिम्‍मेदारी दी। जिसे भेदने में वह कामयाब भी रहे। इसके साथ ही पूरे इंदौर की सीटों पर भी बीजेपी का परचम लहराया।

• जनता के बीच लोकप्रिय नेता बने

युवावस्था से लेकर अब तक कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर की एक-एक गली को अच्छी तरह से जाना और पहचाना। यही नहीं लोगों के बीच जिस विश्वास के साथ जुड़ाव के लिये पहुंचे लोगों ने उन्हें उतना ही मान-सम्मान और अपनापन दिया। यही कारण है कि आज वे लोकप्रिय नेता बन गये हैं। बताया जाता है कि कैलाश विजयवर्गीय वह नेता हैं जो लोगों के मन में बसते हैं। यही कारण है कि विधानसभा चुनाव का टिकट मिलते ही लोगों ने उन्हें विजेता मान लिया था और उन्हें कार्यकर्ताओं ने आश्वस्त भी कर दिया था कि इस सीट से उन्हें जनता का अपार स्नेह मिलेगा।

• चार दशक पहले रखी नींव के दिखने लगे परिणाम

दरअसल जनता के बीच प्रेम और स्नेह का जो भाव आज कैलाश विजयवर्गीय में दिखता है वह आज का ही नहीं है। इसकी नींव तो कैलाश विजवर्गीय ने लगभग चार दशक पहले रख दी थी जब वे प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हुए। उन्होंने पूरी सक्रियता के साथ जिले के विकास, युवाओं के रोजगार, स्व-रोजगार, चिकित्सा, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की नींव रखी और धीरे-धीरे इंदौर को वह सब कुछ दिलवाया जिसके लिये इंदौर और वहां के लोग हकदार थे। इंदौर का महापौर रहते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने शहर में स्वच्छता के लिये लोगों को प्रेरित किया और जागरूक करते हुए स्वच्छता को अपनाने का आह्वान किया।

• निरंतर इंदौर के विकास को समर्पित

छात्र राजनीति से लेकर, पहले संगठन, फिर पार्टी और कैबिनेट मंत्री के तौर पर कैलाश विजयवर्गीय ने जो कार्य किये हैं वह आज जनता के सामने हैं। यही कारण है कि इंदौर में न सिर्फ वह खुद बल्कि अन्य सीटों पर भी उन्होंने भाजपा को सफलता दिलवाई। आज इंदौर बिजनेस हब बन गया है, इसे मिनी मुंबई का ताज मिला है। देश में स्वच्छ शहर होने का जो गौरव इंदौर को मिला है वह जनता की सक्रियता, राजनेताओं के प्रोत्साहन और सरकार के सहयोग से संभव हुआ है।

• प्रदेश के बाहर भी दिखाया संगठनात्मक शक्ति

अगर हम कैलाश विजयवर्गीय के कार्यकुशलता की बात करते हैं तो इस बात का जिक्र करना आवश्यक होगा कि वह विजयवर्गीय ही हैं जिन्होंने पश्चिम बंगाल जैसे राज्य में ममता बैनर्जी के किले को भेदने का साहस दिखाया और भाजपा पार्टी ने भी उन पर भरोसा कर उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी। इसके साथ ही इससे पहले उन्‍हें हरियाणा का प्रभारी बनाया गया था। वहां भी उन्‍होंने पार्टी को खड़ा कर सरकार बनाने में कामयाबी हासिल की। मध्यप्रदेश की राजनीति से बाहर निकलकर जब कैलाश विजयवर्गीय संगठन में कार्य करने पहुंचे तो उन्होंने कई प्रमुख कार्य किये और सत्ता के बाहर संगठन में अपनी विशेष पहचान बनाई है।

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