--एकलव्य केसरी
जयपुर - राजस्थान, इंडिया इनसाइड न्यूज।
"एक काम और मेरे राम का" के तहत बुधवार को सीकर रोड स्थित श्री वृंदावन पीठ, टाटियावास, जयपुर में श्री राम राज्याभिषेक महोत्सव का आयोजन किया गया। वाल्मीकि रामायण में वर्णित चैत्र मास की सप्तमी तिथि में प्रभु श्री राम का वनवास से अयोध्या लौटने पर राजतिलक किया गया था। यज्ञाचार्य कृष्णकांत शास्त्री के नेतृत्व में 500 वर्षों बाद पहली बार उसी राज्याभिषेक की शास्त्रोक्त विधि से पुनरावृत्ति की गई।
इस अवसर पर यज्ञाचार्य ने कहा कि सभी सनातनी हिंदुओं को मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का राज्याभिषेक उत्सव एक त्योहार के रूप में मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि आप अपने बच्चों को राम, कृष्ण और महापुरुषों जैसा बनाना चाहते हैं तो उनको शास्त्रों में वर्णित संस्कारों से पोषित करना होगा। उन्होंने आम जन से आज के दिन घर को स्वच्छ करने, रंगोली से सजाने, राम दरबार का पूजन करने और संध्याकाल में दीपोत्सव मनाने का आग्रह किया।
महोत्सव की शुरुआत खिजुरिया वाले बालाजी से महोत्सव स्थल तक निकली कलश, वृक्ष शोभायात्रा से हुई। इस शोभायात्रा में भारी संख्या में महिलाएं सिर पर कलश और पौधे लेकर शामिल हुईं। शोभायात्रा के दौरान बज रहे भक्ति संगीत की धुन पर तमाम श्रद्धालु झूमते नाचते नजर आए। शोभायात्रा के महोत्सव स्थल पर पहुंचने के पश्चात श्री राम का राज्याभिषेक शुरु हुआ। संतों की उपस्थिति में श्री रामचंद्र जी का दुग्ध, नदियों और समुद्र जल से अभिषेक और पूजा अर्चना की गई। साथ ही भजन कीर्तन का भी आयोजन हुआ। राज्याभिषेक के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच भोजन प्रसाद का वितरण किया गया।