विपक्षी दल के सदस्यों के सवालों का जबाव खुद नहीं दे सकीं महापौर



--विजया पाठक (एडिटर - जगत विजन),
भोपाल-मध्य प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज।

● नरेला की पार्षद नही है आप महापौर मालती राय जी, पूरे भोपाल का विकास कार्य करना आपकी नैतिक जिम्‍मेदारी है

● चिकित्सा शिक्षा मंत्री सारंग के संरक्षण में कार्य करने वाली महापौर ने परिषद अध्यक्ष की बैठक में भाजपा की करवाई किरकिरी

एक तरफ जहां भाजपा में विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीतिक तैयारियां चल रही हैं। वहीं, राजधानी भोपाल में भाजपा नेताओं के बीच आपसी चल रहे मनमुटाव उभर कर सामने आ रहे हैं। बीते दिनों निगम परिषद की बैठक के दौरान जिस तरह से परिषद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी और महापौर मालती राय के बीच घमासान हुआ उसने भाजपा नेताओं की आपसी रंजिश को सामने ला दिया। जाहिर बात है कि भोपाल जिले में सभी भाजपा पार्षद से स्थानीय विधायक तक महापौर मालती राय के कार्यशैली से नाखुश हैं। निगम परिषद अध्यक्ष और मालती राय के बीच हुए इस घमासान की शिकायत पार्टी कार्यालय और संगठन तक पहुंच चुकी है। ऐसे में अब देखने वाली बात यह है कि क्या पार्टी और संगठन नेता महापौर मालती राय के ऊपर कोई कार्यवाही करते हैं या फिर इसे भी नजरअंदाज करते हुए चुनाव के पहले किसी बड़े हंगामे की तैयारी का इंतजार करेंगे। सूत्रों के अनुसार परिषद की बैठक के दौरान एक बार फिर मालती राय आयोग्य साबित हुईं और उन्होंने विपक्ष के सवालों का जबाव खुद न देते हुए अन्य पार्षद को खड़ा कर दिया। इससे मालती राय और भाजपा की अयोग्यता जनता के सामने आ गई।

• सिर्फ एक ही विधानसभा पर है सबसे अधिक जोर

जानकारों की मानें तो मालती राय का जोर सिर्फ नरेला विधानसभा पर सबसे ज्यादा है। इसके दो कारण है पहला तो यह कि वह पसंदीदा विधायक और उनके संरक्षक कहे जाने वाले चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग का चुनावी क्षेत्र है, दूसरा कि वह खुद भी उसी क्षेत्र की रहवासी हैं। जबकि देखा जाये तो महापौर तो पूरे शहर का होता है, उसके दिल और दिमाग में पूरे शहर के विकास कार्य को लेकर योजना होनी चाहिए न कि सिर्फ एक क्षेत्र को लेकर। लेकिन मालती राय उन नेताओं में से समझ ही नहीं पड़ती हैं जिनके पास कोई विजन हो या फिर कोई विकास योजना से जुड़ा हुआ खाका। शहर के विकास कार्यों को छोड़ वे सिर्फ दुकानों के लोकार्पण, कपड़ों के एग्जीबिशन के शुभारंभ अवसरों पर ही देखी जा सकती हैं। कहीं भी कोई योजनाबद्ध तरीके से काम करने के लिये उनके पास कोई टीम ही नहीं है।

• भाजपा ने बड़ी गलती की राय को टिकट देकर

विशेषज्ञों के अनुसार भाजपा पार्टी ने मालती राय को महापौर का टिकट देकर पहले ही बड़ी गलती कर दी थी। पहले राय को चुनाव जिताने पर जोर लगा दिया, उसके बाद अब उन्हें इस पद पर बनाये रखने के लिये पार्टी जोर लगा रही है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो निश्चित ही वह दिन दूर नहीं जब भाजपा को आगामी विधानसभा फिर नगर निगम चुनावों में बड़ा हार का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि भाजपा के अन्य विधायक महापौर के कार्यशैली से बिल्कुल संतुष्ट नहीं है और वे निरंतर इसकी शिकायत भी कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई संतोषनजक कार्यवाही होते दिख नहीं रही है।

• शिवराज सिंह चौहान की अपील को कर रहीं नजरअंदाज

मालती राय को जब भाजपा ने महापौर का टिकट दिया था उस समय मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की थी कि वे अगर मालती राय को जिताते हैं तो उनकी टीम मिलकर भोपाल को दुनिया का अद्भुत शहर बना देंगे। लेकिन फिलहाल असलियत कुछ और ही है। सर्वश्रेष्ठ तो दूर, पूरे शहर में गड्डे, धूल और कचरे के ढेर जमे हुए हैं। महापौर जी का पूरा फोकस सिर्फ नरेला विधानसभा क्षेत्र और अपने संरक्षक विश्वास सारंग की खुशामदी में लगा हुआ है।

• इसलिये विफर पड़े थे निगम अध्यक्ष

नगर निगम के योजना प्रकोष्ठ में मृत्यु सहायता के रूप में दी जाने वाली राशि में हाल ही में दो करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया था। इस मामले में योजना प्रकोष्ठ के सभी सात कंप्यूटर ऑपरेटरों को हटा दिया गया है और तत्कालीन 06 जोनल अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। अब तक 6 जोन की 133 ऐसी फाइलें पकड़ में आईं हैं जिनमें गलत तरीके से भुगतान किया गया है। कुछ और फाइलों की जांच चल रही है। मृत्यु सहायता के तहत सामान्य मृत्यु होने पर 02 लाख रुपए और दुर्घटना में मृत्यु होने पर 04 लाख रुपए सहायता देने का नियम है। अंत्येष्टि सहायता के 05 हजार रुपए अलग से दिए जाते हैं। एक महिला द्वारा की गई शिकायत के बाद अपर आयुक्त टीना यादव ने मामले की जांच शुरू की तो अब तक जोन नंबर 3, 9, 11, 16, 19 और 20 के तत्कालीन जोनल अधिकारियों की आईडी से भुगतान स्वीकृत हुए हैं। इसमें सबसे ज्यादा 90 फाइलें जोन नंबर 16 की हैं। इन 90 फाइलों में से 65 तो एक साथ रात 11 बजे सिस्टम पर अपलोड की गईं हैं। इसी मामले को नेता प्रतिपक्ष ने उठाया था और फिर जिम्मेदारों में नाराजगी सामने आई है।

• महापौर का इस्तीफा मांगा

नेता प्रतिपक्ष शाबिस्ता जकी, पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान, मो. सरवर, प्रवीण चौहान, देवांशु कंसाना समेत अन्य पार्षदों ने महापौर से इस्तीफा मांग लिया। पार्षदों ने अध्यक्ष से कहा कि आप न्याय की कुर्सी पर बैठे हैं। आपको न्याय करना होगा। पार्षदों ने सदन स्थगित करने की मांग कर दी। इस दौरान एमआईसी मेंबर मनोज राठौर, रविंद्र यति, जितेंद्र शुक्ला, जगदीश यादव समेत पार्षद भी आसंदी के पास आ गए और उन्होंने विपक्ष पर सदन नहीं चलने का आरोप लगाया। इसके चलते कांग्रेस पार्षद आसंदी के सामने ही धरने पर बैठ गए। वे पार्षद भार्गव द्वारा उठाए भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जांच कराने की मांग करने लगे। प्रदर्शन के बीच महापौर उठीं और इसी मुद्दे पर अपनी बात रखी।

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