बिहार अकेला राज्य है, जहां लगातार तीन राष्ट्रपति ने बिहार विधान मंडल के सदस्यों को संबोधित किया



अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बिहार विधानसभा आगमन कई मायने में खास रहा है। यह विधानमंडल के इतिहास में एक नया अध्‍याय जोड़ गया।

पूर्व उप मुख्यमंत्री व राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि आजादी के 75 वर्ष के बाद देश के किसी प्रधानमंत्री को पहली बार बिहार विधानसभा परिसर में बिहार विधानमंडल सदस्यों को संबोधित करने का अवसर मिला है। इसके पूर्व बिहार अकेला राज्य है, जहां लगातार तीन राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम, प्रतिभा पाटिल और रामनाथ कोविंद ने बिहार विधान मंडल के सदस्यों को संबोधित किया।

मोदी ने कहा कि बिहार विधानसभा भवन को यह भी सौभाग्य प्राप्त है कि तीन राज्य ओडिशा, झारखंड और बिहार के विधायकों को इसी भवन में बैठकर जमींदारी उन्मूलन, झारखंड पृथक राज्य, शराबबंदी जैसे ऐतिहासिक कानूनों को पारित करने का मौका मिला।

बिहार विधानसभा भवन के शताब्दी वर्ष समापन समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आना ऐतिहासिक है। मोदी बिहार विधान परिसर में आने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं। आजादी के बाद आज तक कोई भी प्रधानमंत्री बिहार विधानसभा परिसर में नहीं आये है। बिहार विधानसभा पिछले 100 वर्षों से अपने इतिहास को समेटे हुए था। उस इतिहास को जीवित करने का प्रयास किया गया। पिछली बार यहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आए थे। मंगलवार को इस परिसर में पीएम नरेन्द्र मोदी आये। उन्होंने शताब्दी स्मृति स्तंभ का उद्घाटन किया। इस पूरे प्रतीक चिन्ह में बिहार के हर पहलू को समेटा गया है।

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