मंत्री गोविंद सिंह राजपूत कर रहे अवैध तरीके से चुंगी वसूली



--विजया पाठक (एडिटर- जगत विजन),
भोपाल-मध्य प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

■ आखिर कब होगी मंत्री पुत्र आदित्य गोविंद राजपूत की गिरफ्तारी

■ मंत्री पुत्र के कारण प्रदेश के दस लाख बेरोजगार युवाओं का भविष्य हुआ चौपट

दो साल पहले कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की करतूतों से अब पूरा प्रदेश अच्छी तरह से परिचित हो चुका है। सिर्फ प्रदेश की जनता ही नहीं बल्कि भाजपा पार्टी के वरिष्ठ नेता, संगठन के पदाधिकारी भी राजपूत के कारनामों से पूरी तरह से परिचित हैं। अभी तक जहां मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भ्रष्टाचार, जमीन नामांतरण, परिवहन क्षेत्रों में घोटालों को अंजाम दे रहे थे, वहीं अब राजपूत प्रदेश के बड़े शिक्षा माफिया बनकर सामने आये हैं। आलम यह है कि राजपूत के कारनामों का खामियाजा प्रदेश के उन 10 लाख लोगों को भुगतना पड़ रहा है कि जो इस उम्मीद के साथ पीईबी की शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल हुए थे कि राज्य सरकार उन्हें जल्द कहीं न कहीं शिक्षक की नियुक्ति देगी। लेकिन राजपूत के लालच ने इन लाखों लोगों को रोजगार मिलने से वंचित कर दिया है।

वहीं अब इनके कारनामों में एक नाम और जुड़ चुका है। और यह नया कारनामा है अवैध तरीके से चुंगी वसूली। इनके क्षेत्र के अनेक सड़कों पर अवैध वसूली कर रहे हैं। जिसे चुंगी वसूली कहा जाता है। यह ऐसी वसूली होती है जिसमें शासन-प्रशासन को कोई वास्ताे नहीं होता जितनी भी वसूली होती है वह पूरी रकम मंत्री के जेब में जाती है।

● अवैध तरीके से हो रही चुंग्गी वसूली

राजपूत के परिवहन मंत्री बनने के बाद प्रदेश की विभिन्न मुख्य सड़कों पर अवैध चुंग्गी वसूली का कारनामा तेजी से फैल रहा है। सागर से लेकर गढ़ाकोटा, हटा, अमानगंज के बीच राजपूत के इशारे पर ही छोटे-छोटे नाके बनाकर स्थानीय लोग अवैध वसूली करने का दुस्साहस कर रहे हैं। अवैध वसूली के इस कारनामें से रास्ते आने-जाने वाले वाहनों को परेशानियां तो होती ही है, साथ ही अवैध वसूली का यह कार्य अच्छी तरह से फल-फूल रहा है।

● अब राजपूत के कॉलेज को क्लीन चिट्ट देने की तैयारी

प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा कुछ महीने पहले शिक्षक पात्रता परीक्षा करवाई गई। इस परीक्षा के दौरान गोविंद सिंह राजपूत के सागर स्थित कॉलेज में बने परीक्षा सेंटर से आंसरशीट का स्क्रीऩ शॉट लाखों प्रतिभागियों तक पहुंच गया। स्क्रीन शॉट वायरल होते ही पूरे प्रदेश में खलबली मच गई और जांच के दौरान पाया गया कि यह स्क्रीन शॉट राजपूत के सागर स्थित कॉलेज के परीक्षा केंद्र से वायरल हुआ है। इस पूरे मामले की जांच कर रही मैपआईटी की टीम को भी राजपूत ने साध लिया और अब मैपआईटी की टीम इस पूरे मामले में राजपूत के कॉलेज को क्लीनचिट देने की तैयारी कर रहा है।

● राजपूत श्रीमंत के अधिक है करीबी

देखा जाए तो मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार में वर्तमान में सिंधिया खेमे के चार से पांच मंत्री है। इनमें से सबसे ज्यादा करीबी गोविंद सिंह राजपूत को बताया जा रहा है। क्योंकि राजपूत ही वो शख्स है जो हर तरीके से सिंधिया को लाभ पहुंचाने का काम कर रहे है। कभी परिवहन के लाइसेंस और परमिशन में धांधलियों के माध्यम से तो कभी शासकीय और निजी जमीनों का नामांतरण सिंधिया ट्रस्ट के नाम पर परिवर्तित कर उन्हें उपकृत कर रहे हैं। ऐसे में सिंधिया की भी उन पर विशेष मेहरबानी है और वो लगातार राजपूत के संरक्षक बन प्रदेश की शिवराज सरकार के आड़े खड़े हो जाते हैं।

● व्यापारी भी मंत्री जी की अड़ीबाजी से है परेशान

राजपूत ने परिवहन मंत्री रहते हुए रीवा के नॉन परिवहन घोटाले को अंजाम दिया है। बताया जा रहा है कि नागरिक आपूर्ति गम और विपणन अधिकारियों ने वर्ष 2019-2020 और 2020-2021 में गेहूं धान के परिवहन के नाम पर 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला किया है। यही नहीं उन्होंने इस पूरे घोटाले में आरोपी रहे अधिकारियों को बचाए रखने के लिए उनसे करोड़ों रुपये की डील की है। यही नहीं प्रदेश के अंदर ट्रांसपोर्ट का कारोबार कर रहे व्यापारी भी मंत्री जी की अड़ीबाजी से परेशान हैं। ट्रांसपोर्ट कंपनियों से मंत्री जी समय-समय पर मोटी रकम वसूलते हैं।

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