कानून व्यवस्था को दुरस्त करने के बजाय फिल्म अभिनेत्री पर बयानबाजी कर रहे गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा



--विजया पाठक (एडिटर- जगत विजन),
भोपाल-मध्य प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

फिल्म अभिनेत्री श्वेता तिवारी द्वारा दिये गये बयान पर एफआईआर दर्ज कराये जाने के निर्णय को लेकर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा एक बार फिर चर्चा में आ गये है। दरासल पिछले दिनों श्वेता तिवारी द्वारा मीडिया से चर्चा के दौरान भगवान के संदर्भ में कही गई बात को नरोत्तम मिश्रा ने धार्मिक भावनाओं से जोड़ कर विवाद खड़ा कर दिया है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस बयान पर आपत्ति दर्ज की और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भोपाल पुलिस कमिश्नर मकरन्द देउसकर को दिये। देखा जाए तो पिछले कुछ दिनों से नरोत्तम मिश्रा अपना मूल काम छोड़कर लोगों के बयानबाजी पर ज्यादा ध्यान दे रहे है। इससे पहले भी उन्होंने अमेजन कंपनी, कालीचरण महाराज और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद द्वारा लिखित किताब पर आपत्ति दर्ज करते हुए एफआईआर दर्ज करवाने और प्रदेश में किताब की बिक्री रोकने संबंधी निर्णय लिया था।

• बाल अपराध, छेड़छाड़ और रेप के मामले में देश में अव्वल है मध्य प्रदेश

प्रदेश के गृहमंत्री होने के नाते नरोत्तम मिश्रा का दायित्व बनता है कि वो प्रदेश की कानून व्यवस्था को दुरस्त करने के लिए जरूरी कदम उठाए। लेकिन नरोत्तम मिश्रा मीडिया में बने रहने के लिए छोटे-छोटे विषयों पर बयानबाजी कर चर्चा में बने रहना चाहते है। आखिर प्रदेश में आए दिन हो रहे बाल अपराध, महिलाओं और बेटियों के साथ छेड़छाड़ और रेप की घटनाओं पर रोक लगाने की जिम्मेदारी किसकी है। अगर खुद गृहमंत्री इस तरह के छोटे मुद्दों पर जनता का ध्यान भटकाएंगे तो निश्चित ही आने वाले समय में प्रदेश में बेटियों और महिलाओं की स्थिति और बदतर हो जायेगी। देखा जाए तो मध्य प्रदेश पिछले कई सालों से महिलाओ और बालिका अपराधों के मामले में देशभर में अव्वल है। गृहमंत्री इस चरमराई कानून व्यवस्था को दुरस्त करने के बजाय फिल्म अभिनेत्री के बयान को जबरदस्ती जोर देने की कोशिश कर रहे है।

• बंद हो सकती है फिल्म की शूटिंग्स

मध्य प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों से लगातार फिल्मों, सीरियल्स और वेब सीरीज की शूटिंग का सिलसिला शुरू हुआ है। इन शूटिंग के चलते प्रदेश के सैकड़ों लोगों को रोजगार के अवसर मिलते है। लेकिन गैर जिम्मेदार गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के इस तरह की बयानबाजी के बाद फिल्म जगत अपने रूख को लेकर सख्‍त हो सकता है। इसका पूरा असर आने वाले फिल्म और टीवी प्रोजेक्टों पर भी देखने को मिल सकता है। इसलिए बेहतर है कि गृहमंत्री साहब आप फिल्म अभिनेता-अभिनेत्रियों के बयानबाजी पर ध्यान देने के बजाय प्रदेश की कानून व्यवस्था को दुरस्त करने की दिशा में काम करिये। इससे न सिर्फ प्रदेश की शिवराज सरकार का बल्कि प्रदेश की जनता का भी भला होगा।

• वेब सीरीज के मामले को जबरदस्ती दी हवा

सूत्रों के अनुसार फिल्म लाइन से जुड़े भोपाल के ही कुछ लोगों द्वारा पिछले दिनों प्रकाश झा द्वारा निर्देशित वेब सीरीज आश्रम-3 की शूटिंग को लेकर बवाल मचाया गया। जबकि वेब सीरीज के कंटेंट में ऐसा कुछ भी आपत्तिजनक नहीं था जिसको लेकर प्रदेश के गृहमंत्री सहित प्रशासन को अपना हस्तक्षेप करना पड़े। यह सिर्फ शहर के कुछ प्रोड्यूसर्स की आपसी रंजिश थी जिसके कारण स्क्रिप्ट को वजह बनाकर वेब सीरीज की शूटिंग रोकने की कोशिश की गई। इस पूरे मामले में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा खुद बिना सोचे समझे वेब सीरीज शूटिंग को लेकर बयानबाजी देने से खुद को रोक नहीं सके और उन्होंने कलेक्टर्स को वेब सीरीज की शूटिंग शुरू होने से पहले स्क्रिप्ट पढ़ने की जिम्मेदारी दे डाली। मतलब जिस तरह से खुद गृहमंत्री साहब अपना मूल काम छोड़कर बयानबाजी पर फोकस कर रहे है उसी तरह अब कलेक्टर्स भी अपना काम छोड़कर फिल्म/ वेब सीरीज की स्क्रिप्ट पढ़े। यही नहीं पुलिस कमिश्नर को भी गृहमंत्री की गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी के कारण संबंधित व्यक्ति पर एफआईआर दर्ज करने का काम शेष रह गया है।

• बच्चों के साथ होने वाली घटनाओं में शीर्ष स्थान पर है प्रदेश

एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश बच्चों के साथ होने वाली घटनाओं के मामले में देशभर में शीर्ष स्थान पर है। लेकिन प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को इस ओर ध्यान देना जरूरी नहीं लगता। रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में अपराध की दृष्टि से राज्य की स्थिति शर्मनाक है। प्रदेश बाल अपराध और आदिवासियों पर अत्याचार के मामले में नंबर 1 है। प्रदेश में साल 2020 में आदिवासियों के उत्पीड़न मामले 20 प्रतिशत बढ़े हैं। महिला अत्याचारों के मामले में मध्य प्रदेश देश में अव्वल है। प्रदेश में खस्ताहाल होती कानून व्यवस्था को लेकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने खुद भी चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि एनसीआरबी की वार्षिक रिपोर्ट शिवराज सरकार के कार्यकाल की तस्वीर दर्शाती है।

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