आकाश में रक्षाबंधन पर ब्लूमून की राखी : सारिका घारू



भोपाल-मध्यप्रदेश,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।

रक्षाबंधन पर पूर्णिमा (22 अगस्त 2021) को चंद्रमा बेहद खास होनेवाला है। इस दिन यह चांद (मून) ब्लूमून कहलायेगा। नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने इस बारे में बताया कि अगर किसी तीन महीने के एक सीजन में चार पूर्णिमा आती है तो इनमें से तीसरी पूर्णिमा का चांद ब्लूमून कहलाता हैं। 18 मई 2019 के बाद अब यह स्थिति बनी है।

सारिका ने बताया कि सबसे लंबे दिन की तिथि (21जून) से दिन रात बराबर होने की तिथि (22 सितम्बर) की अवधि के खगोलीय सीजन में चार पूर्णिमा में से आज की पूर्णिमा तीसरी है। आमतौर पर साल के प्रत्येक सीजन में केवल तीन पूर्णिमा होती है। लेकिन कभी कभी एक सीजन में 4 पूर्णिमा आ जाती है। इसमें सीजन की अतिरिक्त तीसरी पूर्णिमा को नीला चांद या ब्लूमून कहा जाता है।

सारिका ने बताया कि एक अन्य खगोलीय विचारधारा के अनुसार अगर किसी एक अंग्रेजी महीने में दो पूर्णिमा आ जाती हैं तो दूसरी पूर्णिमा का चांद ब्लूमून कहलाता है। ऐसा 2020 में हुआ था जब 1 अक्टूबर की पूर्णिमा के बाद 31 अक्टूबर को पूर्णिमा आ गई थी।

■ क्या खास है इस ब्लूमून में

यह सामान्य पूर्णिमा की तरह पीलापन लिये दिखाई देगा। नीला नहीं दिखेगा। (सोशल मीडिया पर इस प्रकार की गलत तथ्य हो सकते हैं कि आज का चांद नीला दिखेगा)।

इस बार यह जब उदित होगा तो इसके साथ सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह जुपिटर साथ होगा। ब्लूमून की पिछली घटना 18 मई 2019 को हुई थी। अब यह घटना 19 अगस्त 2024 को होगी।

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