--विजया पाठक (एडिटर - जगत विजन),
भोपाल-मध्य प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
■ मामा के प्रदेश में भांजियों के साथ हो रहे दुराचार का जिम्मेदार कौन? आखिर निक्की की इस हालत का जिम्मेदार कौन?
प्रदेश में महिलाएं और बेटियां कितनी सुरक्षित है, इसकी तस्वीर पिछले कुछ महीनों के अखबारों की कतरनों में आपको साफ दिखाई दे जाएगी। कभी गुना, तो कभी उमरिया और अब राजधानी भोपाल में भी लड़कियां खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही है। सुख और शांति के टापू मध्य प्रदेश में आखिर बद से बदत्तर होती इस स्थिति का जिम्मेदार कौन है?, पुलिस प्रशासन, गृहमंत्री या फिर प्रदेश की लचर कानून व्यवस्था। आखिर वो दिन कब आएगा जब पुलिस का खौफ दुराचारियों के दिल दिमाग में होगा और वो किसी भी तरह की वारदातों को अंजाम देने से बचेंगे।
हाल ही का मामला कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की लापरवाही का सख्त उदाहरण हैं, कि कोलार निवासी 24 वर्षीय लड़की (निक्की) के साथ हुई घटना के 34 दिन बाद तक पुलिस ने कोई सख्त कार्यवाही नहीं की। इस पूरे मामले में कोलार पुलिस का रवैया संदेहात्मक रहा। तभी पुलिस अपनी नाकामी को छिपाने अपने ही मुखबिर को आरोपी बना थाने में ले आयी। जब इस बारे में जानकारी सामने आई तो पुलिसिया तंत्र का लापरवाही भरा चेहरा सामने आया।
जबकि पुलिस को चाहिए था कि लड़की की शिकायत के बाद तुरंत एक्शन लेती और आरोपी को पकड़ सलाखों के पीछे करती। लेकिन कोलार पुलिस थाना प्रभारी सुधीर अरजरिया ने ऐसा कुछ भी करना उचित नहीं समझा। उन्होंने इतने गंभीर केस को भी अन्य केसों की तरह रूटीन समझा और महज खानापूर्ति करने वाली धाराएं लगाकर आरोपी को उसके किए की सजा दिलाने के बजाय उसे बचा लिया। थाना प्रभारी की इस लापरवाही के लिए प्रदेश सरकार ने उन्हें निलंबित किए जाने के बजाय सिर्फ नोटिस देकर खाना पूर्ति को अंजाम दिया।
एक तरफ प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान जगह-जगह पर जाकर शांति और सुरक्षा के वायदे करते है, जब राजधानी में भांजियों के साथ इस तरह का दुराचार हो रहा है तो अन्य छोटे जिलों में क्या स्थिति होगी इसका आंकलन करके भी रुह कांपने लगती है। इन सबकी जिम्मेदारी सिर्फ प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की। खुद को संवेदनशील दिखाने वाले मंत्री साहब प्रदेश की लचर कानून व्यवस्था से अच्छी तरह परिचित है, फिर भी उसे सुधारने की दिशा में कोई उचित कदम नहीं उठा रहे। सिर्फ रोज सुबह अच्छे कपड़े पहनकर मीडिया के सामने आकर बयान देने से प्रदेश में कानून व्यवस्था नहीं दुरुस्त होगी मंत्री जी, इसके लिए मैदानी स्तर पर जाकर आपको परिस्थितियों का जायजा लेना होगा और पुलिस प्रशासन खासतौर पर थानों में पदस्थ पुलिस बल को सही मायने में जनता के लिए देश भक्ति जन सेवा का पाठ पढ़ाना होगा। तब जाकर प्रदेश की जनता खुद को सुरक्षित महसूस करेगी। पिछले दिनों कांग्रेस के पूर्व मंत्री और विधायक जीतू पटवारी ने प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को चलता-फिरता ब्यूटी पार्लर कहा। उन्होंने यह भी कहा कि गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा फिल्मी बहन कंगना की रक्षा करने में पूरी फौज लगा देते हैं। लेकिन प्रदेश की बेटियों को दरिंदे से नहीं बचा पाते। कुल मिलाकर अब मुख्यमंत्री को खुद एक्शन में आना होगा और प्रदेश की कानून व्यवस्था अपने हिसाब से दुरस्त करना होगी, क्योंकि चाहे डीजीपी हो या फिर गृहमंत्री अब कानून व्यवस्था को बहाल करना इन दोनों के वश की बात नहीं।