बंगाल की तानाशाही और अलोकतांत्रिक सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान



--परमानंद पांडेय,
अध्यक्ष - अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास,
राष्ट्रीय संयोजक - मंजिल ग्रुप साहित्यिक मंच, उत्तर भारत।

■ भाजपा ने किया प्रस्ताव पारित

भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों, प्रदेशों के प्रभारियों और अध्यक्षो की बैठक का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने किया। बैठक में जिन पांचों राज्यों में तत्काल विधान सभा चुनाव होने हैं उन सभी पर फोकस करते हुए सटीक रणनीति बनायी गयी। कोरोना संकट के बाद पहली बार मोदी जी ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित किया।

बीजेपी के महासचिव और राज्य सभा सांसद भूपेंद्र यादव ने बताया कि भाजपा ने आह्वान किया है कि ममता की तानाशाही और अलोकतांत्रिक सरकार को उखाड़ फेंकना है। स्पष्ट है कि पार्टी बंगाल पर सर्वाधिक फोकस कर रही है। ममता ने भारत के संविधान का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन किया है। हमेशा केंद्र से अनावश्यक विवाद खड़ा करते रहने की कोशिश की है। राज्यपाल के संवैधानिक दायित्वों को पूरा नहीं होने देने के लिए उनका घनघोर अपमान और तिरस्कार किया है। अपने तानाशाही रवैये के कारण केंद्र की लाभकारी योजनाओं को बंगाल में नहीं लेकर बंगाल के किसानों और गरीबों को रुलाया है।

न तो किसानों को सम्मान राशि लेने दी ममता ने और न गरीबों का आयुष्मान भारत के तहत इलाज होने दिया। मुस्लिम तुष्टिकरण की तो पराकाष्ठा ही कर दी तृणमूल सरकार ने। बंगाल के लोगों ने बड़ी उम्मीद के साथ माकपा को हटाकर ममता को सत्ता पर बैठाया था। किंतु बंगाल की सरकार ने भ्रष्टाचार, परिवारवाद, हिन्दू का अपमान, प्रधानमंत्री का अंध विरोध, इन्हीं मुद्दों पर अपने को केंद्रित रखा। तृणमूल की एक ही नीति रही मुस्लिमों को खुश करो और हिंदुओं को बांटकर उन्हें हर मौके पर तिरस्कृत करो। राजनीतिक हत्याओं के लिए तो ममता पूरे देश में नंबर वन हो गयी हैं।

आज तृणमूल के अंदर की घुटन के कारण तृणमूल छोड़ने को लेकर भगदड़ मची हुई है। ममता ने हवाई चप्पल पहन एक साधारण से घर में रहकर अपनी एक छवि बनायी थी। आज तो दुनिया जान चुकी कि ममता का भतीजा आज तृणमूल का सर्वेसर्वा है। थाईलैंड और ब्रिटेन में इसने करोड़ों जमा कर रखा है। सारधा कांड में जो घोटाला हुआ उसमें ममता का रोल सभी जान चुके हैं। आज की तिथि में ममता की छवि एक पागल तानाशाह की हो गयी है। भाजपा का प्रस्ताव काबिले तारीफ है कि ऐसी नेता और ऐसी सरकार को उखाड़ फेंका जाए।

गजबा ए हिन्द के अभियान को रोकने के लिए ममता को सत्ता से बाहर करना हर राष्ट्रवादी का कर्तव्य है।

एक खतरनाक नारा जो शेख मुजीबुर्रहमान ने दिया था उसी को ममता ने अंगीकार किया है। क्या उनका इरादा पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश के साथ जोड़ने का है? यही तो कारण है कि हिन्दू तो पूरे के पूरे नाराज हैं ही जो कुछ राष्ट्रवादी मुसलमान हैं वे भी पूरी तरह इस पागल तानाशाह से ऊब चुके हैं। वे भी परिवर्तन चाहते हैं।

सीबीआई की कार्रवाई से ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी और उनकी पत्नी के नाम पर विदेशों में जमा करोड़ों की अवैध संपत्ति का खुलासा होने ही वाला है।

सोनार बंगला की अवधारणा को पुनः प्रतिष्ठित करने के लिए बंगाल के नए पुनर्जागरण के लिए परिवारवाद पर जड़ से प्रहार करने के लिए भारतीय जनता पार्टी का बंगाल में सत्तासीन होना राष्ट्रहित और बंगाल के हित के लिए आवश्यक है।

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