2019-20 में बिहार की अर्थव्यवस्था की विकास दर 10.5 फीसदी रही



--अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

वित्तीय वर्ष 2019-20 में बिहार की अर्थव्यवस्था की विकास दर 10.5 फीसदी रही, जो राष्ट्रीय विकास दर से अधिक है। इसका उल्लेख राज्य सरकार के 15वें आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 की रिपोर्ट में किया गया है। राज्य के वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने अपने कार्यकाल का पहला आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। तारकिशोर प्रसाद ने रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि यह आर्थिक सर्वेक्षण ऐसे चुनौतिपूर्ण समय में आया है जब कोविड-19 ने राज्य की अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

वर्ष 2019-20 में बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 6 लाख 11 हजार 804 करोड़ रुपये रहा, जबकि प्रति व्यक्ति आय 50 हजार 735 रुपये रहा, जो वर्ष 2011-12 में 34 हजार 413 रुपये था। राज्य का सकल राजकोषीय घाटा 2 फीसदी दर्ज किया गया। जीएसडीपी में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी 18.7 फीसदी रही। बिहार में 2019-20 में 163 लाख 80 हजार टन खाद्यान्न उत्पादन का रिकॉर्ड दर्ज हुआ। पशुपालन का योगदान 6 फीसदी था, तो दूध का उत्पादन 104 लाख 83 हजार टन रहा। कृषि आधारित कारखानों की विकास दर 11.7 फीसदी रही जो राष्ट्रीय स्तर से 9.3 फीसदी अधिक है। 2019-20 के वित्तीय वर्ष में बिहार सरकार की कुल प्राप्ति 1 लाख 53 हजार 408 करोड़ रुपये रही, जो 2018-19 के मुकाबले 1 हजार 121 करोड़ रुपये अधिक है।

राज्य में बिजली की प्रति व्यक्ति खपत 332 यूनिट हो गई है, जो वर्ष 2012-13 के दौरान 145 यूनिट थी। पीक टाइम में बिजली की मांग बिहार में 5900 मेगावाट हो गई है, जो 2012-13 में 2650 मेगावाट थी। 2019-20 में मांग की पूर्ति 5891 मेगावाट दर्ज की गई। बिहार में बिजली उत्पादन की क्षमता भी बढ़ी है, जो अब 6 हजार 73 मेगावाट हो चुकी है।

वर्ष 2018-19 में राज्य में ग्रामीण बेरोजगारी दर 9.8 फीसदी और शहरी बेरोजगारी दर 10.4 फीसदी दर्ज की गई है। रोजगार के सीमित अवसरों की वजह से बिहार के बहुत सारे श्रमिक राज्य के बाहर प्रवास करते हैं और उनमें से कुछ विदेश भी चले जाते हैं। कोरोना काल में पासपोर्ट आवेदन में गिरावट दर्ज की गई। वर्ष 2019-20 में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को पासपोर्ट के लिए 289.7 हजार आवेदन प्राप्त हुए जबकि 305.3 हजार पासपोर्ट जारी किए गए।

रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2020 तक बिहार में 4 लाख 4 हजार शौचालय बनाए गए। वर्ष 2014-18 में राज्य में व्यक्ति की औसत आयु 69.1 वर्ष रही जो राष्ट्रीय औसत आयु से 0.3 वर्ष कम है। राज्य में शिक्षा पर खर्च की दर 17.3 फीसदी और स्वास्थ्य पर 21.4 फीसदी दर्ज की गई। कोरोना काल के दौरान जनवरी 2021 तक बिहार में प्रति 10 लाख आबादी पर कोविड-19 जांच का आंकड़ा 1 लाख 65 हजार 129 रहा।

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