प्रदेश की बिगड़ैल कानून व्यवस्था को और बिगाड़ देगी सरकार की घर-घर शराब पहुंचाओं नीति



--विजया पाठक (एडिटर-जगत विजन),
भोपाल-मध्य प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

इन दिनों मध्य प्रदेश की सियासत पूरी तरह से शराब की बिक्री और उस पर रोक लगाने को लेकर गरमाई हुई है। प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री एक तरफ जहां आए दिन शराब की बिक्री को लेकर नए-नए तरह के आईडियाज पर काम कर रहे है। वहीं, प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने प्रदेश सरकार की इस रणनीति का खुलकर विरोध करना शुरू कर दिया है।

कुछ दिनों पहले जैसे ही गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने प्रदेश में नई शराब की दुकान खोले जाने संबंधी बयान दिया था। उमा भारती ने सरकार के इस प्रस्ताव की घोर निंदा करते हुए इसे निरस्त करने की मांग की थी। दो चार दिन मामला शांत होने के बाद खुद प्रदेश के आबकारी विभाग के अधिकारियों ने ऑनलाइन माध्यम से घर-घर शराब पहुंचाने जैसा प्रस्ताव तैयार कर वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा को भेज दिया। अगर नरोत्तम मिश्रा के बयान पर नजर डाली जाए तो उन्होंने मामले को तूल देने के लिए जानबूझकर पहले प्रदेश में नई शराब की दुकान खोले जाने का शिगूफा मात्र छोड़ा था। उसके कुछ दिन बाद ही सराकर ने नया प्रस्ताव बनाकर घर घर शराब पहुंचाने की ठान ली है।

प्रदेश में बिगडैल कानून की तस्वीर से सभी परिचित है। आए दिन छेड़छाड़, लूट, मार, चोरी, डकैती जैसी घटनाएं हो रही है और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा इन सभी घटनाओं पर रोक लगाने के बजाय प्रदेश में शराब बेचने की योजना पर अधिक ध्यान दे रहे है। जब अभी कानून व्यवस्था की यह स्थिति है तो घर-घर शराब पहुंचने के बाद न जाने क्या होगा। मुरैना और उज्जैन में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों को भुला पाना मुश्किल है, उसके बावजूद प्रदेश सरकार शराब बंदी पर रोक लगाने के बजाय उसे घर तक पहुंचाने पर विचार कर रही है।

हालांकि उमा भारती ने भी सरकार के इस फैसले को दो टूक चुनौति दे दी है। उन्होंने एक दिन पहले ही सोशल मीडिया पर ऐलान किया है कि वो प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान चलाएगी। इस अभियान को लीड ख़ुशबू नाम की युवती करेगी जो मध्यप्रदेश की है। यह अभियान महिला दिवस 8 मार्च से शुरू होगा। प्रदेश सरकार के मुखिया को यह बात समझना चाहिए कि उमा भारती का शराब और नशे के खिलाफ अभियान शुरू करने के ऐलान से उनकी सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती है। क्योंकि इस पूरे अभियान को केंद्र व पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहीं न कहीं सानिध्य अवश्य प्राप्त होगा। इतना ही नहीं प्रदेश कांग्रेस पार्टी के भी कई नेताओं ने उमा भारती के इस अभियान को समर्थन दिया है, ताकि प्रदेश नशा मुक्त बन सके।

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