--अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
वैसे आप इसे सामान्य ज्ञान से भी जोड़ सकते हैं पर मामला महिला सशक्तिकरण से जुड़ी एक बड़ी उपलब्धि का है। बिहार में महिला पुलिस कर्मियों की संख्या पूरे देश में सबसे अधिक हो गयी है। इसी महीने आयी टाटा ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित इंडिया जस्टिस रिपोर्ट 2020 में इस बात का जिक्र है कि बिहार में महिला पुलिसकर्मी कुल संख्या का 25.3 प्रतिशत हो गयी है। यह देश के बड़े और मध्यम आकार के राज्यों की तुलना में दोगुनी से भी अधिक है। दिलचस्प बात यह है कि अभी महिला कांस्टेबल के 27 प्रतिशत पदों पर नियुक्ति होनी बाकी है।
महिला पुलिसकर्मियों के मामले में बिहार के बाद दूसरे नंबर का राज्य तमिलनाडु है, जहां उनकी संख्या 18.5 प्रतिशत है। वहीं 12.5 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ महाराष्ट्र तीसरे नंबर पर है। गौर करने की बात यह है कि पश्चिम बंगाल में यह प्रतिशत 9.7, उत्तर प्रदेश में 9.6, उत्तराखंड में 12.2, तेलंगाना में 5.1, राजस्थान में 9.8, ओडिशा में 10.0, गुजरात में 11.7, झारखंड में 7.1, कर्नाटक में 8.3, मध्य प्रदेश में 6 तथा पंजाब में 8.5 प्रतिशत है।
महिला पुलिस अधिकारियों के मामले में बिहार में अभी वह स्थिति नहीं है जो देश के कई अन्य राज्यों में है। यहां अभी कुल पुलिस अधिकारियों में महिला पुलिस अधिकारियों का हिस्सा 6.1 प्रतिशत है। तमिलनाडु में सबसे अधिक 24.8 प्रतिशत हिस्सेदारी महिलाओं की है। केरल में यह हिस्सेदारी 2.4, मध्य प्रदेश में 10.6, ओडिशा में 11.2, उत्तराखंड में 18.4 प्रतिशत व यूपी में 3.8 प्रतिशत है।
कानूनी सहायता उपलब्ध कराए जाने वाले सरकार ने अधिवक्ताओं का जो पैनल तैयार कराया हुआ है उसमें भी महिलाओं की हिस्सेदारी काफी है। अधिवक्ताओं के पैनल में 19.6 प्रतिशत है। वहीं पैरा लीगल वॉलेंटियर में महिलाओं की हिस्सेदारी 23.8 प्रतिशत है। अधिवक्ताओं के पैनल में सबसे अधिक 28.3 प्रतिशत महिलाओं की हिस्सेदारी कर्नाटक में है।