--अभिजीत पाण्डेय (ब्यूरो),
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
नालंदा के राजगीर में में बने ग्लास ब्रिज का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उद्घाटन किया। उद्घाटन के साथ ही ग्लास ब्रिज यानी शीशे का पुल लोगों के लिए खुल गया। इसके साथ ही राजगीर में बुद्ध पथ पर बन रहा नेचर सफारी का नीतीश कुमार ने घुमकर जायजा लिया। इस मौके पर मुख्य सचिव दीपक कुमार समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे।
विदित हो कि नौ किलोमीटर लंबी क्षेत्रफल में बन रहे नेचर सफारी में ग्लास ब्रिज यानि शीशे का पुल बनाया गया है। जो पूरा हो गया है। इसमें चढ़ने वालों को अपना दिल थाम कर जाना होगा। यह संस्पेंशन ब्रिज चीन की तर्ज पर बनाया जा रहा है। यह स्काई बाग में होगा। इसके नीचे गहरी खाई दिखाई देगी. लगेगा मानो उसमें गिर गए, पर गिरेंगे नहीं।
जू-सफारी से आगे जंगल के बीच बन रहा नेचर सफारी है। इसमें प्रकृति को दिखाने के साथ एक रोमांच भरने की कोशिश की जा रही है। 500 हेक्टेयर में कैफेटेरिया भी बनाया जा रहा है। इसके गेट को एक नया लुक दिया गया है। सफारी में हवा में रोप के सहारे साइक्लिंग का भी लोग लुफ्त उठाएंगे। इसमें पर्यटकों को लुभाने के लिए तितली पार्क, राउंडेन गार्डेन, मेड्रेशनल गार्डेन, शुटिंग लैब भी होगा।
इसके अलावा बिहार दर्शन का एक कैम्पस होगा, जिसमें बिहार के ऐतिहासिक धरोहरों की प्रदर्शनी होगी। नेचर सफारी में पुराने परंपरा के अनुसार नए तरीके से मिट्टी, बांस व लकड़ी का कॉटेज बनाया जा रहा है। यह बाहरी पर्यटकों को अपनी ओर खींचने में पूरी तरह से सक्षम होगा। पहले जहां विभिन्न राज्यों से आने वाले पर्यटक खासकर बंगाली पर्यटक यहां एक से दो दिन ही ठहर पाते थे, वे अब इन सभी योजनाओं के पूरा होने पर लंबे समय के लिए राजगीर में ठहरेंगे और विदेशी पर्यटकों का भी ठहराव राजगीर में हो पाएगा। इससे लोगों की आमदनी भी बढ़ेगी।
यह नेचर सफारी मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। इसका पहला द्वार नाकापर जेठियन के पास होगा। यह जेठियन की ओर से तीन किलोमीटर की दूरी पड़ेगा। पार्क में रॉक क्लाइबिंग की भी लोगों को लुफ्त उठाने को मिलेगा।