--अभिजीत पाण्डेय (ब्यूरो),
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
बिहार और पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में 45% से कम परिवार खाना पकाने के लिए स्वच्छ ईंधन का उपयोग करते हैं।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) की रिपोर्ट के अनुसार 17 राज्यों और पांच केंद्र शासित प्रदेशों को सर्वेक्षण मे शामिल किया गया था। असम, बिहार, मेघालय, नागालैंड और पश्चिम बंगाल, पांच ऐसे राज्य हैं जहां 45 फीसदी से कम घरों में खाना पकाने के लिए स्वच्छ ईंधन का उपयोग किया जाता है।
एनएफएचएस की 2019-20 की रिपोर्ट के लिए सर्वेक्षण में 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की जनसंख्या, स्वास्थ्य, परिवार नियोजन और पोषण संबंधी संकेतकों की जानकारी इकट्ठा करने के लिए 6.1 लाख सैम्पलों की जांच की गई।
आंकड़ों के अनुसार, आंध्र प्रदेश (83.6%), गोवा (96.5%), मिजोरम (83.8%) और तेलंगाना (91.8%) में घरों में स्वच्छ ईंधन का उपयोग करते हैं। बता दें कि बिजली, एलपीजी या प्राकृतिक गैस और बायोगैस को सर्वेक्षण में स्वच्छ ईंधन माना जाता है।
एनएफएचएस की 2015-16 की रिपोर्ट की तुलना में सभी सर्वेक्षण किए गए 22 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ा है। इसमें पाया गया कि 16 राज्यों में 70% से अधिक आबादी ऐसे घरों में रह रही है जो बेहतर स्वच्छता सुविधा का उपयोग करते हैं।
सर्वेक्षण में कहा गया है कि लक्षद्वीप (99.8%) और केरल (98.7%) में बेहतर स्वच्छता सुविधा के साथ घरों में रहने वाली आबादी का प्रतिशत सबसे अधिक है, जबकि बिहार (49.4%) और लद्दाख (42.3%) में यह सबसे कम है। इसमें पाया गया कि लगभग सभी सर्वेक्षण किए गए घर आयोडीन युक्त नमक का उपयोग कर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 90% से अधिक आबादी बिजली के साथ घरों में रह रही है, और 70% से अधिक पीने के पानी के स्रोतों में सुधार हुआ था।
17 राज्यों और पांच केंद्र शासित प्रदेशों जिनमें असम, बिहार, मणिपुर, मेघालय, सिक्किम, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, मिजोरम, केरल, लक्षद्वीप, दादरा नगर हवेली व दमन और दीव को अब चरण- I के रूप में जारी किया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि चरण- II, जो अन्य राज्यों को कवर करेगा, जो अगले साल जारी किया जाएगा।