--अभिजीत पाण्डेय (ब्यूरो),
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
बिहार में दूसरे चरण की 94 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में नए वोटर व सर्विस वोटर का रुख निर्णायक साबित होगा। इस चरण के चुनाव क्षेत्रों में 6 लाख 80 हजार 291 नए वोटर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जबकि 60 हजार 879 सर्विस वोटर भी देश के विभिन्न भागों से अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
दूसरे चरण के 17 जिलों की 94 सीटों पर मतदान को लेकर चुनाव आयोग के द्वारा 41,403 ईवीएम (बैलेट यूनिट) का प्रयोग किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 41,362 कंट्रोल यूनिट एवं 41,362 वीवीपैट का इस्तेमाल किया जाएगा। दूसरे चरण के चुनाव को लेकर संबंधित जिलों में 41 हजार 362 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इस चरण में 2 करोड़ 86 लाख 11 हजार 164 मतदाता वोट देंगे। इनमें 1 करोड़ 50 लाख 33 हजार 34 पुरुष, 1 करोड़ 35 लाख 16 हजार 271 महिला और थर्ड जेंडर के 980 मतदाता शामिल हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार दूसरे चरण में 1463 उम्मीदवारों में सबसे अधिक 27 प्रत्याशी महाराजगंज विधानसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि सबसे कम मात्र चार उम्मीदवार धोरैया (सु) सीट से चुनाव मैदान में हैं। वहीं, मतदाताओं की संख्या के आधार पर दीघा निर्वाचन क्षेत्र सबसे बड़ा निर्वाचन क्षेत्र है जबकि चेरियाबरियारपुर सबसे कम मतदाताओं वाला चुनाव क्षेत्र है।
■ विधानसभा के लिये भाग्य आजमा रहे 3738 प्रत्याशियों में से 37% करोड़पति
बिहार विधानसभा चुनाव लड़ रहे 3738 प्रत्याशियों में से 37% करोड़पति हैं। पार्टियों ने करोड़पति उम्मीदवारों पर भरोसा किया है। चुनाव के तीनों चरणों में सभी 243 सीटों पर चुनाव मैदान में खड़े उम्मीदवारों के शपथ पत्रों के विश्लेषण से पता चलता है कि कुल 3738 में से 1078 उम्मीदवार करोड़पति हैं।
युवाओं की बात करें तो इस बार 39 प्रतिशत प्रत्याशी युवा हैं, जिनकी उम्र 25 से 40 साल के बीच है। जबकि पढ़े लिखे उम्मीदवारों की बात करें तो 50% उम्मीदवार स्नातक या उससे अधिक की शिक्षा लिए हुए हैं। विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए वोटिंग खत्म हो चुकी है, दूसरे चरण की वोटिंग 3 नवंबर को होनी है, और तीसरा चरण 7 नवंबर को है।
दूसरे चरण में कांग्रेस के कृपानाथ पाठक हैं सबसे उम्रदराज, तीसरे चरण में राजद के रमई राम सर्वाधिक उम्र वाले प्रत्याशी हैं।
इस बार बिहार विधानसभा चुनाव लड़ रहे 3738 प्रत्याशियों में से 35% दागी हैं, दागी प्रत्याशियों में अधिकतर पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
तीसरे चरण में माले के महबूब आलम पर सर्वाधिक 14 केस, पिछले चुनाव में 30 प्रतिशत दागी उम्मीदवार मैदान में थे।