--अभिजीत पाण्डेय (ब्यूरो),
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
बिहार में कोरोना इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों का अधिकतम शुल्क तय हो गया है। जिसके बाद निजी हॉस्पिटल में आईसोलेशन के लिए अधिकतम 10 हजार रुपए प्रतिदिन देने होंगे।
बिहार सरकार द्वारा राज्य के शहरों को तीन श्रेणी में बांटा गया है। पटना को ए श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा मुजफ्फपुर, भागलपुर, दरभंगा, गया और पूर्णिया को बी श्रेणी में रखा गया है। वहीं राज्य के अन्य शहरों को सी श्रेणी में जगह दी गई है।
पहली श्रेणी में राजधानी पटना को रखा गया है। पटना के मरीजों से अधिकतम 18 हजार प्रतिदिन का शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं, दूसरी श्रेणी में भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया और पूर्णिया को रखा गया है। जबकि, तीसरी श्रेणी में बिहार के अन्य शहर होंगे।
पहली श्रेणी के पटना में अस्पतालों की दो श्रेणियां हैं। इनमें राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अस्पताल और राष्ट्रीय स्तर पर गैर मान्यतावाले अस्पतालों को रखा गया है। साथ ही कोरोना मरीजों की भी तीन श्रेणियां बनायी गयी हैं।
कोरोना के मामूली पीड़ितों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अस्पतालों के लिए पीपीई किट के साथ अधिकतम शुल्क 10 हजार रुपये प्रतिदिन निर्धारित किये गये हैं। इनमें सपोर्टिव केयर के साथ ऑक्सीजन का मूल्य शामिल है। जबकि, गंभीर बीमारी के लिए आईसीयू के साथ 15 हजार रुपये और अति गंभीर पीड़ितों के लिए वेंटीलेटर के साथ आईसीयू की अधिकतम दर 18 हजार रुपये प्रतिदिन होगी।
बिहार में कोरोना का प्रकोप हर दिन बढ़ता जा रहा है। सरकार ने संक्रमण की कड़ी को तोड़ने के लिए 6 सितंबर तक लॉकडाउन भी बढ़ा दिया है लेकिन प्रतिदिन 2 हजार से अधिक कोरोना संक्रमित सामने आ रहे हैं।