--अभिजीत पाण्डेय (ब्यूरो),
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
बिहार में लगातार बढ़ते कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए बिहार सरकार ने पूरे राज्य में अगले 15 दिन तक संपूर्ण लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है। हालांकि इस दौरान सभी इमरजेंसी सेवाएं सुचारू रूप से जारी रहेंगी।
केंद्र सरकार के अधीन सभी दफ्तर लॉकडाउन के दौरान पूरी तरह बंद रहेंगे। डिफेंस, पुलिस, पेट्रोल पंप, पोस्ट आफिस सहित कुछ कार्यालयों को इस लॉकडाउन से छूट दी गई है।
बिहार सरकार के अधीन सभी सरकारी कार्यालय भी लॉकडाउन के दौरान बंद रहेंगे। सिर्फ बिजली, पानी, स्वास्थ्य, सिंचाई, खाद्य वितरण, कृषि एवं पशुपालन विभाग को इससे छूट दी गई है।
प्रदेश भर में सभी अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों और कार्यों को पूरी तरह लॉकडाउन से छूट दी गई है।
सभी कॉमर्शियल और प्राइवेट संस्थान बंद रहेंगे। सिर्फ फल, सब्जी, अनाज, दूध, मछली आदि के दुकान खुल सकेंगे। हालांकि प्रशासन इनकी होम डिलिवरी की हर संभव व्यवस्था करने का प्रयास करेगा।
होटल, रेस्त्रां या ढाबे खुले रहेंगे लेकिन वहां खाने की व्यवस्था लॉकडाउन के दौरान नहीं कर सकते। उन्हें सिर्फ पैकिंग की सर्विसेज देनी होगी।
रेल, हवाई सफर को मंजूरी दी गई है। हालांकि आटो टैक्सी पूरे राज्य में संचालित रहेंगे। इसके अलावा जरूरी सेवाओं के लिए ही प्राइवेट गाड़ियों का संचालन हो सकता है। बाकी सभी ट्रांसपोर्ट सर्विस बाधित रहेगी। गौरतलब है कि कोरोना से चिंतित प्रशासन ने बिहार के कई जिलों में 10 से 16 जुलाई तक लॉकडाउन लागू कर रखा है।
बिहार में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। बीते 10 दिनों में रिकॉर्ड मरीज कोरोना के बिहार में सामने आए हैं। इसमें सीएम नीतीश कुमार के पटना स्थित सरकारी आवास पर भी कई लोग कोरोना वायरस पॉजिटिव मिले हैं।
वहीं, बिहार बीजेपी के कई नेता और प्रदेश कार्यालय में तैनात कुल 75 लोग कोविड-19 संक्रमित मिले हैं। जानकारी के अनुसार, अब तक बिहार में कुल 17 हजार 959 मरीज कोरोना के बिहार में मिल चुके हैं। बिहार के कई बड़े नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं।