शान तेरी कभी कम न हो ए वतन मेरे वतन मेरे वतन



शान तेरी कभी कम न हो
ए वतन मेरे वतन मेरे वतन
आन तेरी कभी कम न हो
ए वतन मेरे वतन मेरे वतन

हम तराने तेरे प्यार के मरते मरते भी गाते रहे
तेरे दीपक की लौ कम न हो इसलिए खून बहाते रहे
तेरी धरती को चूमे गगन
ए वतन मेरे वतन मेरे वतन

तेरे आशिक दुआ कर चले, हुस्न तेरा दमकता रहे,
सर हमारा रहे न रहे, तेरा माथा चमकता रहे
तेरा महके हमेशा चमन
ए वतन मेरे वतन मेरे वतन

शान तेरी कभी कम न हो
ए वतन मेरे वतन मेरे वतन

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