बच्चों को मनोवैज्ञानिक आघात से बचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : डॉ• वीरेंद्र कुमार



नई दिल्ली, 28 मार्च 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

नई दिल्ली में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार व अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा 27 मार्च को आयोजित मनोवैज्ञानिक आघात, बाल संरक्षण तथा मानसिक रुग्णता पर दो दिवसीय प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास व अल्पसंख्यक कार्य राज्यमंत्री डॉ• वीरेन्द्र कुमार द्वारा किया गया। यह सम्मलेन अपने प्रकार का पहला सम्मेलन है जिसमें मनोवैज्ञानिक आघात व उससे उत्पन्न हुयी मानसिक बिमारियों पर इस क्षेत्र के विशेषज्ञ व प्रबुद्ध व्यक्ति भाग लेकर समाज की इस गंभीर समस्या पर अपने विचार रखते हुए इससे बच्चों को बचाने के उपायों पर मंथन करेंगे।

अपने उद्घाटन सम्बोधन में बोलते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि मनोवैज्ञानिक आघात एक व्यापक शब्द है जिसमें कई प्रकार के अनुभव व हालत शामिल हो सकते हैं जैसे अवैध मानव व्यापार, शारीरिक और यौन शोषण या आक्रमण, युद्ध, पीड़ा, प्राकृतिक आपदा,अपहरण, घरेलू हिंसा, दुर्घटना इत्यादि। यह एक ऐसा विषय है जिसमें सबको ध्यान देना होगा व उचित समाधान के प्रयास करने होंगे क्योंकि बाल्यावस्था में हुए ऐसे आघातों का प्रभाव जीवनपर्यन्त रहता है। हमारी सरकार बच्चों सहित सभी के विकास के लिए समग्र स्वास्थ्य देखरेख को समाज के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण मानती है व इस पर कार्य हेतु प्रतिबद्ध है। राज्यमंत्री ने सम्मेलन स्मारिका का भी विमोचन किया।

इस सम्मेलन में आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो• आर के चड्डा, डॉ• सुजाता सत्पथी, संयुक्त सचिव महिला एवं बाल विकास मंत्रालय आस्था खटवानी व राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एन सी पी सी आर) अध्यक्ष स्तुति कक्कड़ ने भी अपने विचार रखे।

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