खबरें विशेष : भारतीय रेल



नई दिल्ली, 17 मार्च 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

(●) भारतीय रेलवे विभिन्‍न वस्‍तुओं, सेवाओं और कार्यों की समस्‍त बेशकीमती खरीद के लिए इलेक्‍ट्रॉनिक रिवर्स नीलामी आयोजित करेगी

• पारदर्शिता बढ़ाने, प्रतिस्‍पर्धी बोली और उद्योग जगत को समान अवसर प्रदान करने के लिए यह नीतिगत निर्णय लिया गया

• बेहतर प्रतिस्‍पर्धा के जरिये लागत में 10 प्रतिशत की सामान्‍य बचत से भी 10,000 करोड़ रुपये तक की वार्षिक बचत संभव हो सकती है

भारतीय रेलवे ने एक प्रमुख नीतिगत सुधार पहल के रूप में उच्‍च कीमत वाली समस्‍त खरीदारी के लिए इलेक्‍ट्रॉनिक रिवर्स नीलामी आयोजित करने का निर्णय लिया है। वस्‍तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति के साथ-साथ परियोजनाओं एवं विभिन्‍न कार्यों (वर्क्‍स) के लिए भी इस आशय का नीतिगत निर्णय लिया गया है। रिवर्स नी‍लामी समस्‍त जोनल रेलवे एवं उत्‍पादन यूनिटों पर लागू होगी और रेलवे के सभी सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) द्वारा यह क्रियान्वित की जाएगी।

इलेक्‍ट्रॉनिक रिवर्स नीलामी के क्रियान्‍वयन से पारदर्शिता बढ़ेगी, प्रतिस्‍पर्धी बोली सुनिश्चित होगी और वस्‍तुओं, सेवाओं एवं विभिन्‍न कार्यों की आपूर्ति में संलग्‍न उद्योग जगत को समान अवसर मिलेंगे। रेलवे के स्‍वयं के आईटी प्रकोष्‍ठ क्रिस द्वारा नया सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है और इसे जल्‍द ही अपनाये जाने की आशा है। आरंभ में प्रत्‍येक 10 करोड़ रुपये से ज्‍यादा मूल्‍य की समस्‍त आपूर्ति निविदाओं को इलेक्‍ट्रॉनिक रिवर्स नीलामी के जरिये कवर किया जाएगा। इसी तरह प्रत्‍येक 50 करोड़ रुपये से ज्‍यादा मूल्‍य की समस्‍त सेवाओं और कार्यों (वर्क्‍स) को इलेक्‍ट्रॉनिक रिवर्स नीलामी के जरिये कवर किया जाएगा। यह मूल्‍य की दृष्टि से व्‍यापक वस्‍तु खरीद को कवर करेगी।

भारतीय रेलवे प्रति वर्ष 50,000 करोड़ रुपये मूल्‍य की उन वस्‍तुओं की खरीदारी करती है, जो रोलिंग स्‍टॉक के उत्‍पादन एवं रखरखाव और यात्रियों एवं वस्‍तुओं, सेवाओं तथा अन्‍य सुरक्षा संबंधी कार्यों के परिचालन के लिए आवश्‍यक होती हैं। इसके अलावा 10,000 करोड़ रुपये मूल्‍य की पटरी (ट्रैक) आपूर्ति सामग्री की खरीदारी की जाती है। रेलवे से संबंधित बुनियादी ढांचे के विस्‍तारीकरण एवं उन्‍नयन के लिए एक लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा मूल्‍य की परियोजनाओं एवं कायों का काम आरंभ किया जाता है।

इलेक्‍ट्रॉनिक रिवर्स नीलामी से उद्योग जगत को ‘कारोबार में और ज्‍यादा सुगमता’ सुनिश्चित होगी, क्‍योंकि इसमें किसी कर्मचारी या पदाधिकारी से सम्‍पर्क करने की जरूरत समाप्‍त हो जाएगी और इसके साथ ही इससे कागज रहित (पेपरलेस) लेन-देन संभव हो पाएंगे। इस तरह की इलेक्‍ट्रॉनिक नीलामी से रेलवे की आपूर्ति वस्‍तुओं एवं विभिन्‍न कार्यों (वर्क्‍स) के लिए और ज्‍यादा प्रतिस्‍पर्धी बोलियों की पेशकश किये जाने की उम्‍मीद है। बेहतर प्रतिस्‍पर्धा की बदौलत लागत में 10 प्रतिशत की सामान्‍य बचत होने से भी वस्‍तुओं, सेवाओं एवं कार्यों की खरीद में 10,000 करोड़ रुपये तक की वार्षिक बचत संभव हो सकती है।

रिवर्स नीलामी सॉफ्टवेयर का परिचालन आसानी से किया जा सकेगा और इसके लिए कुछ भी शुल्‍क नहीं देना होगा तथा इसके साथ ही ज्‍यादा मूल्‍य वाली खरीद के बारे में निर्णय लेने की प्रक्रिया डिजिटल और ऑनलाइन हो जाएगी। रिवर्स नीलामी भारत सरकार की नीतिगत पहलों जैसे कि ‘मेक इन इंडिया नीति’ तथा एमएसएमई नीति को भी कवर करेगी और इससे पर्याप्‍त क्षमता वाले नये वेंडरों को विकसित होने में मदद मिलेंगी।


(●) इंजनों की परिचालन क्षमता के बेहतर इस्‍तेमाल के लिए भारतीय रेल द्वारा नवीन विश्‍लेषणात्‍मक उपाय

भारतीय रेल ने बिजली और डीजल से चलने वाले इंजनों की परिचालन क्षमता का बेहतर इस्‍तेमाल करने के लिए नवीन विश्‍लेषणात्‍मक उपाय शुरू किए हैं। इसके तहत ऐसे इंजनो के परिचालन की समय सारिणी के लिए अंक गणना के आधार पर विकसित सॉफ्टवेयर का तैयार किया गया है।

भारतीय रेल के पास देशभर में बिजली और डीजल से चलने वाले यात्री रेल इंजनों की कुल संख्‍या 3300 है। यात्री रेलगाड़ियों में इन इंजनों का इस्‍तेमाल एक पूर्व निर्धारित समय सारिणी के अनुसार किया जाता है जिन्‍हें लोकोमोटिव लिंक कहा जाता है। अभी तक यह समय सारिणी रेलवे के सभी 16 जेान द्वारा अपने हिसाब से हाथ से तैयार की जाती थी लेकि‍न अब इसके लिए बाकायदा एक साफ्टवेयर तैयार किया गया है।

रेल मंत्रालय ने राष्‍ट्रीय स्तर पर यात्री गाड़ियों को चलाने के लिए इंजनों के बेहतर इस्‍तेमाल के लिए अंकगणना पर आधारित यह प्रणाली विशेषज्ञों की मदद से विकसित और कार्यान्वित की है। इस प्रणाली में एक गणितीय मॉडल का इस्तेमाल किया गया है ताकि रखरखाव और संचालन आवश्यकताओं को पूरा करते हुए समय-सारणी के अनुसार सभी यात्री गाड़ियों को चलाने के लिए कम से कम इंजनों का इस्तेमाल किया जा सके।

रेलवे बोर्ड के ट्रांसफॉर्मेशन सेल द्वारा एक पायलट योजना के तहत रेलवे के सभी 16 जोन ने मिलकर इसकी शुरुआत की है। इसके जरिए लोकोमोटिव लिंक का पुनर्गठन किया गया है। इससे यात्री रेलगाडि़यों में प्रयुक्‍त होने वाले (लगभग 720 करोड़ रुपये की लागत वाले ) 30 डीजल और 42 इेलेक्ट्रिक इंजनों की बचत होगी जिनका इस्‍तेमाल आगे मालगाड़ियों को चलाने में और रेलवे के लिए अतिरिक्‍त राजस्‍व अर्जित करने के लिए किया जा सकेगा।

यात्री रेलगाडि़यों के परिचालन समय में अक्‍सर होने वाले परिवर्तनों, नयी रेलगाड़ियां शुरु होने तथा कयी रेल मार्गों का विद्युतिकरण होने की वजह से यात्री रेलगाड़ियों की समय सारिणी बनाना एक बेहद जटिल काम होता है लिहाजा रेल मंत्रालय ने इस बात को ध्‍यान में रखते हुए 2018-19 के बजट में यात्री रेलगाड़ियों में डीजल और बिजली के इंजनों के इस्‍तेमाल की नवीन विष्‍लेषणात्‍मक प्रणाली को सीआरआईए द्वारा संस्‍थागत स्‍तर पर विकसित करने और क्रियान्वित करने की परियोजना के लिए आवंटन किया है।

(●) रेल मंत्रालय ने हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर यात्रियों के सुखद अनुभव के लिए कार्य योजना बनाई

• कार्य योजना में नये सिरे से डिजाइन तैयार कर कारों/बसों/टैक्सियों/तिपहिया वाहनों/पैदल यात्रियों के लिए अलग लेन तय करना, यातायात नियंत्रित करने के लिए वर्दीधारी मार्शलों की तैनाती, ‘दिव्यांगजनों’ के लिए पार्किंग की व्यवस्था करना शामिल हैं

रेल मंत्रालय यात्रियों के लिए सफर को आरामदायक और सुखद बनाने के लिए लगातार आवश्यक सुख साधन और सुविधाओं में सुधार कर रहा है।

इस उद्देश्य से आवश्यक सुख साधन और सुविधाओं को चिन्हित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति नामित की गई है। इन सुविधाओं को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि यहां आने वाले यात्रियों को आरामदायक और सुखद अनुभव प्राप्त हो सके। समिति को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन की खामियों को दूर करने और यात्री सुविधाओं में सुधार कर यात्रियों को सुखद अनुभव के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने का जिम्मा भी सौंपा गया है।

मनोनीत अधिकारियों की समिति द्वारा सम्पूर्ण स्टेशन परिसर की जांच करने के बाद निम्नलिखित तीन चरणों में इसे कार्यान्वित करने के लिए कार्य योजना तैयार की गई है –

तत्काल उपाय (6 माह के भीतर कार्यान्वित किये जाएंगे)
अल्पावधि उपाय (6 से 12 माह में कार्यान्वित किये जाएंगे) और
दीर्घावधि उपाय ( 12 से 18 माह में कार्यान्वित किये जाएंगे)

इस योजना में सभी प्लेटफॉर्मों, स्टेशन भवन, पार्किंग क्षेत्र, ट्रैफिक, माल की आवाजाही/माल रखने के स्थान, प्लेटफॉर्म पर निर्देशक संकेतक, सुरक्षा व्यवस्था और स्टेशन पर स्वच्छता में सुधार लाना शामिल है।

तत्काल उपाय (जून, 2018 तक कार्यान्वित किये जाएंगे)

पहले प्रवेश की तरफ की सड़क के प्रवेश को चौड़ा कर सुगम बनाना तथा सड़क के आस-पास सौन्दर्यीकरण
‘दिव्यांगजनों’ के लिए मुख्य द्वार के नजदीक पार्किंग का स्थान निर्धारित किया जाएगा
पूरे शौचालय ब्लॉक और स्नान घर क्षेत्र की मरम्मत की जाएगी
आवाजाही के क्षेत्रों, अन्‍य स्‍थानों (कॉनकोर्स), प्लेटफार्म और फुट ओवर ब्रिज पर महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरूचिपूर्ण तरीके से तैयार किये गए रेट्रो रिफ्लेक्टिव/एलईडी साइन बोर्ड लगाये जाएंगे
मुख्य प्रवेश की तरफ आवाजाही और पार्किंग क्षेत्र में टैक्सी/ऑटो की अनाधिकृत पार्किंग तथा यात्रियों को लेने और छोड़ने के लिए अनियमित स्टॉप एवं अव्यवस्थित ड्रेनेज के कारण ट्रैफिक जाम रहता है, इसलिए नया डिजाइन तैयार कर कार/बस/टैक्सी/तिपहिया वाहन/पैदल यात्रियों के लिए अलग लेन निर्धारित करना। यात्रियों को लेने और छोड़ने तथा पार्किंग के लिए स्थान चिंहित करना। ट्रैफिक नियंत्रण के लिए वर्दीधारी मार्शलों की तैनाती। नये ड्रेनेज पाइप (आरसीसी) और मेनहोल/गटर।
सभी प्लेटफार्म और अन्‍य स्‍थानों पर पर्याप्‍त संख्‍या में स्‍टील के बैंच लगाना
विभिन्‍न प्‍लेटफॉर्म पर अनुपयोगी/बेकार पड़े पुराने ढ़ांचों को चिहिंत कर वहां से हटाना।
प्‍लेटफॉर्म-1 पर पड़े अनुपयोगी पोर्टा कैबिन के ढ़ांचे को ठीक कर उसे अमानती सामान घर बनाना।
ग्राउंड फ्लोर पर स्थित दो विश्राम गृहों की मरम्‍मत।
दूसरे प्रवेश पर आर ओ जल संयंत्र।
प्‍लेटफॉर्म-1 पर यात्रियों के लिये लिफ्ट।
प्‍लेटफॉर्म संख्‍या-2/3 और 4/5 पर नये जल बूथ तथा प्‍लेटफॉर्म के फर्श की मरम्मत करना।
ओखला के ओर के फुट ओवर ब्रिज पर ग्रेनाइट का फर्श बनाना।
छत की बदरंग एसी शीट/टूटी फॉल्‍स सीलिंग के स्‍थान पर रंगीन शीट और एसीपी सीलिंग लगाना, बुकिंग हॉल और पहली मंजिल के दूसरे प्रवेश की खिड़कियां बदलना।
प्‍लेटफॉर्म संख्‍या-4/5 और 6/7 पर ‘भुगतान कर उपयोग करें’ के आधार पर शौचालय।
दोनो फुट ओवर ब्रिज की एसी छत की शीट के स्थान पर रंगीन शीट लगाना
फुट ओवर ब्रिज पर डिवाइडरों के लिए स्टील की रैलिंग
प्लेटफॉर्म संख्या 6/7 के साथ वाले छतिग्रस्त नाले का निर्माण करना
प्लेटफॉर्म संख्या 6/7 पर एस्केलेटर
छतिग्रस्त प्लेटफॉर्म की मुंडेरों की मरम्मत करना और छतिग्रस्त प्लेटफॉर्म पर वीडीसी/कोटा स्टोन के फर्श लगाना
अल्पावधि उपाय ( 6 से 12 माह में कार्यान्वित किये जाएंगे )

प्लेटफॉर्म संख्या 2/3 पर नये शौचालय ब्लॉक उपलब्ध कराये जाएंगे
प्लेटफॉर्म पर टूटे फूटे बैठने के स्थलों की मरम्मत
पहुंच मार्ग पर फुटपाथ बनाया जाएगा
आवाजाही वाले क्षेत्र में ‘भुगतान कर उपयोग करने’ वाले डीलक्स शौचालय उपलब्ध कराये जाएंगे
स्टेशन पर पूर्ण रूप से मशीनों से स्वच्छता की व्यवस्था की जाएगी
दीर्घावधि उपाय ( 12 से 18 माह में कार्यान्वित किये जाएंगे )

दूसरे प्रवेश की ओर के फुटओवर ब्रिज पर एस्केलेटर उपलब्ध कराये जाएंगे
प्लेटफॉर्म संख्या - 1,5 और 7 के धोने लायक खराब हो चुके एप्रेनों को ठीक किया जाएगा
प्लेटफॉर्म संख्या – 3 और 4 पर धोने लायक एप्रेन उपलब्ध कराये जाएंगे
दूसरे प्रवेश का नया प्रतिमान तैयार कर निर्माण किया जाएगा
आईआरसीटीसी द्वारा प्लेटफार्म संख्या 1 (ओखला की ओर) पर वीआईपी लांज विकसित किया जाएगा
ओखला की ओर के कर्मचारी क्वाटरों का स्थान बदला जाएगा और इस स्थान को पार्किंग तथा अन्य सुविधाओं के लिए खाली किया जाएगा
टीटीई विश्राम गृह की पूरी मरम्मत की जाएगी
दिल्ली प्रभाग के प्रभागीय रेल प्रबंधक श्री आर एन सिंह ने कहा कि हज़रत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुख सुविधाओं और सेवाओं में सुधार करने के लिए अगले 12 महीनों में हज़रत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण किया जाएगा। श्री सिंह ने कहा कि इससे स्वच्छता में महत्वपूर्ण सुधार आयेगा तथा हज़रत निजामुद्दीन स्टेशन से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यहां काफी आरामदायक और सुखद अनुभव होगा।

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