राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में आएंगे प्रधानमंत्री समेत सभी प्रदेशों के राज्यपाल व मुख्यमंत्री



--परमानंद पाण्डेय,
लखनऊ - उत्तर प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज।

श्रीराम जन्मभूमि स्थल पर निर्माणाधीन राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा चारों शंकराचार्य शामिल होंगे। देशभर के विभिन्न मत पंथों के करीब चार हजार साधु संत, विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े करीब 10 हजार अति विशिष्ट अतिथि इस पल के साक्षी बनेंगे। मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा समारोह का देश-दुनिया में लाइव प्रसारण किया जायेगा। इसकी व्यवस्था श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से रहेगी। श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से भारत के सभी प्रदेशों के राज्यपाल व मुख्यमंत्रियों को आमंत्रण भेजा जाएगा। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सभी खेलों के बड़े खिलाड़ी, प्रख्यात साहित्यकार, वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकारों को आमंत्रित किया जाएगा। 1990 की कारसेवा में बलिदानी हुतात्माओं के परिजनों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा।

● मुख्यमंत्री योगी ने की देश-प्रदेशवासियों के कल्याण व सुख-समृद्धि की कामना, शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर देवकाली मंदिर में किया दर्शन-पूजन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने अयोध्या दौरे के दूसरे दिन छोटी देवकाली मंदिर में पूजन-अर्चन किया। साथ ही संतों से भी मुलाकात की। सीएम ने देश-प्रदेशवासियों के कल्याण व सुख-समृद्धि की कामना की। रविवार सुबह गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ सबसे पहले मणिराम दास जी की छावनी पहुंचे। यहां महंत नृत्य गोपाल दास के स्वास्थ्य के बारे में जाना और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। सीएम ने शनिवार शाम को भी संतों से भेंट की थी।

● सरयू नदी के किनारे डूब क्षेत्र में बने मठ मंदिरों को नहीं ढहाया जाएगा, सीएम योगी ने दिया आश्वासन

अयोध्या के सरयू नदी के किनारे डूब क्षेत्र में बने मठ मंदिरों को ढहाया नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में साधु संतों के साथ भोजन करते समय यह आश्वासन दिया है।

● यूपी और देश के लिए गौरव का क्षण आ रहा है' अयोध्या में योगी बोले- अगले साल जनवरी में 500 सालों की प्रतीक्षा होगी समाप्त

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को अयोध्या पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य और देश के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण आ रहा है। भव्य राम मंदिर में भगवान राम को विराजमान करने के लिए 500 सालों का इंतजार अगले साल जनवरी में खत्म हो जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया कर्मियों से कहा, 'अयोध्या, प्रदेश और देश के लिए गौरव का क्षण आ रहा है। उन्होंने कहा कि जब जनवरी में देश के प्रधानमंत्री 500 वर्षों के इंतजार को खत्म करेंगे। इस दौरान भगवान राम को उनके भव्य मंदिर में विराजमान करने के लिए एक भव्य समारोह किया जाएगा। देश और दुनिया एक नई और भव्य अयोध्या देखेगी। हमारी तरफ से तैयारियां शुरू हो गई हैं। 'पहला रिहर्सल दीपोत्सव पर होगा, जो पिछले छह वर्षों से राज्य सरकार द्वारा अयोध्या में आयोजित किया गया है। 'सीएम ने सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में अयोध्या में चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा, 'डबल इंजन सरकार ने अयोध्या के लिए 30,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। अधिकांश परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है और पूरा होने की ओर बढ़ रहा है। हमारा प्रयास है कि अधिकांश परियोजनाएं दीपोत्सव से पहले पूरी हो जाएं।'

● रामनगरी से योगी ने 'मिशन महिला सारथी' का किया श्रीगणेश

मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति अभियान के तहत रविवार को अयोध्या के सरयू अतिथि गृह, रामकथा पार्क में 'मिशन महिला सारथी' का शुभारंभ किया और हरी झंडी दिखाकर 51 साधारण बसों (बीएस 6) को रवाना किया। इन बसों में चालक व परिचालक का कार्य महिलाओं द्वारा ही संचालित किया जाएगा। इस दौरान लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। सीएम ने कहा कि शारदीय नवरात्रि की आज अष्टमी तिथि है। आठवें रूप में आज मां गौरी का अनुष्ठान कर रहे हैं। माना जाता था कि महिलाएं यह काम नहीं कर सकतीं पर इससे उपयुक्त अवसर नहीं हो सकता, जब महाअष्टमी की तिथि को मिशन शक्ति के साथ जोड़कर मिशन महिला सारथी को लांच करने के साथ-साथ उन महिला चालक व परिचालकों को इससे जोड़ा जा रहा है। आज 51 बसें प्रदेश के अलग-अलग जगहों के लिए चलेगी, इनमें चालक व परिचालक महिलाएं होंगी।

इस अवसर पर कैबिनेट व अयोध्या के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, सांसद लल्लू सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, स्थानीय भाजपा विधायक वेदप्रकाश गुप्त, रामचंद्र यादव, विधान परिषद सदस्य हरिओम पांडेय, भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव (परिवहन) एल. वेंकटेश्वर लू, प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद आदि की उपस्थिति रही।

● 3डी इंपैक्ट और 24 लाख दीपों से रौशन होगी अयोध्या

अयोध्या में 11 नवम्बर को एक बार फिर दीपोत्सव कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस बार यह अत्यधिक खास होने वाला है। 3डी इम्पैक्ट का प्रयोग करते हुए जो दीप जलाए जाएंगे वे न सिर्फ लोगों को सुख की अनुभूति कराएंगे बल्कि भक्ति के सागर में गोते भी लगवाएंगे। महीनों पहले से इसकी तैयारी शुरू हो गई है, जिसके क्रियान्वयन का जिम्मा उठाया है डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट्स विभाग ने। इस बार अयोध्या में यह सातवां दीपोत्सव कार्यक्रम होगा, जो अत्यंत दिव्य और भव्य होने जा रहा है। दीप उत्सव इस बार कुछ खास दिखाई देगा। 5000 स्क्वायर फीट में 50 ब्लॉक बनाए जाएंगे, जिसमें बिछने वाले दीप जलने के बाद विभिन्न आकृतियों का अहसास कराएंगे। सभी ब्लॉक में बिछने वाले दीपों की संख्या का निर्धारण कर लिया गया है। घाटों पर बनने वाली विभिन्न डिजाइन की स्केचिंग का कार्य लगभग 25 बच्चों द्वारा किया जा रहा है। इस स्केचिंग के बाद 02 नवम्बर से घाटों पर मार्किंग शुरू कर दी जाएगी। इसी मार्किंग पर 08 नवम्बर से दीपक बिछाने का काम 25 हजार वालंटियर द्वारा शुरू किया जाएगा। घाटों पर इस बार 24 लाख दीप बिछाए जाएंगे, जिसमें से 21 लाख दीप प्रज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है। घाट नम्बर 10 पर बिछने वाले दीपों के जलने के बाद इससे राममंदिर की छवि उभरकर सामने आएगी, जिसमें प्रभु श्रीराम विजयी मुद्रा में धनुष बाण लेकर प्रवेश करते नजर आएंगे। इतना ही नहीं, फूलों की रंगोली और वहाँ जलने वाले दीप बरबस ही लोगों का मन मोह लेंगे। इस रंगोली में 11 प्रकार के ब्रांडेड फूलों का इस्तेमाल किया जाएगा। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ सरिता द्विवेदी प्रभारी विभागाध्यक्ष ललित कला फाइन आर्ट विभाग और आयोजन सचिव रीमा सिंह सहित 10 सदस्यीय कमेटी तथा छात्र छात्राओं ने सभी तैयारियों की रूपरेखा तैयार कर ली है। राम की पैड़ी पर 02 नवंबर से मार्किंग का कार्य शुरू कर दिया जाएगा और आठ नवंबर से दीपों को बिछाने का काम शुरू कराया जाएगा, जिसे विभिन्न इंटर और डिग्री कॉलेज के 25000 प्रशिक्षित छात्राओं द्वारा अंजाम दिया जाएगा। विश्वविद्यालय की एक टीम विभिन्न इंटर कॉलेज एवं डिग्री कॉलेज के छात्राओं को प्रशिक्षित कर रही है। दीपों को जलाने के लिए सरसों के तेल का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी दीपों को जलाने में करीब एक लाख लीटर तेल का इस्तेमाल होगा।

ताजा समाचार

National Report



Image Gallery
इ-अखबार - जगत प्रवाह
  India Inside News