संसद में उठा भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का मुद्दा



गोरखपुर-उत्तर प्रदेश,
इंडिया इनसाइड न्यूज।

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तथा राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने शून्यकाल के दौरान भोजपुरी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग उठाई और आयोग गठित करने की मांग की। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि भाषा सिर्फ शब्द और संवाद ही नहीं होती है बल्कि भाव, सभ्यता और संस्कृति की भी वाहक है।

सांसद ने कहा कि भोजपुरी एक संपूर्ण और समृद्ध भाषा है। अपनी मिठास के लिए जानी जाती हैं। नेपाल, फिजी और मारीशस में यह संवैधानिक भाषा है और दुनिया के चालीस देशों के बीस करोड़ लोग इसे बोलते हैं। मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा की 154 भाषाओं तक में भोजपुरी शामिल हैं लेकिन दु:खद है कि भारत की 8वीं अनुसूची में शामिल 22 अधिकृत भाषाओं में इसका नाम नहीं है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि भोजपुरी भाषा पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ, मऊ, बलिया, वाराणसी, चंदौली, महराजगंज, गाजीपुर, मिर्जापुर, जौनपुर, बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर व बिहार के बक्सर, सारण, सिवान, गोपालगंज, पूर्वी और पश्चिमी चम्पारण, वैशाली, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, झारखंड के पलामू और गढ़वा के अतिरिक्त मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और नेपाल के लोगों द्वारा बोली जाती है।

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