ब्रह्मवैवर्त पुराण कथा के लिए शंकराचार्य जी का काशी से हुआ छत्तीसगढ प्रस्थान



--हरेंद्र शुक्ला,
वाराणसी - उत्तर प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

■ श्री विद्या मठ में विदाई के समय बटुकों और भक्तों की आंखें हुईं सजल

परमाराध्य परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानन्द: सरस्वती '1008' काशी प्रवास के पश्चात् आज सड़क मार्ग से प्रयागराज तथा वहाँ से वायुयान द्वारा ब्रह्मवैवर्त पुराण की कथा कहने को छत्तीसगढ़ के लिए प्रस्थान किया।

पूज्य शंकराचार्य जी महाराज के प्रस्थान के समय जगद्गुरुकुलम् के वैदिक बटुकों, शिष्यों व भक्तों ने सजल नयनों से उनको विदाई दी और शीघ्र पुनः काशी आगमन हेतु प्रार्थना निवेदित किया। ज्ञात हो कि शंकराचार्य जी महाराज के काशी प्रवास के दौरान अनेक वैदिक अनुष्ठान व मांगलिक कार्यक्रम आयोजित हुए। अनेक सन्तों व भक्तों ने उनके प्रवचन का लाभ उठाया व धार्मिक मार्गदर्शन भी प्राप्त किया। प्रस्थान के समय साध्वी पूर्णाम्बा दीदी, साध्वी शारदाम्बा दीदी, ब्रह्मचारी मुकुन्दानन्द, प्रेस प्रभारी सजंय पाण्डेय, ब्रह्मचारी परमात्मानन्द, रवि त्रिवेदी, हजारी कीर्तिनारायण शुक्ल, तनु शुक्ला, हजारी सौरभ शुक्ल, अनिल शुक्ल, सुनील शुक्ल, यतीन्द्र चतुर्वेदी, सदानन्द तिवारी, अनुराग दुबे, अजित मिश्र, किशन जायसवाल, रविन्द्र मिश्र, रामचन्द्र सिंह सहित भारी संख्या में भक्तजन उपस्थित थे।

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