--हरेंद्र शुक्ला,
वाराणसी - उत्तर प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
■ संकटमोचन संगीत समारोह का आगाज़ 10 अप्रैल से
■ देश विदेश के संगीत साधको सहित 20 पद्म अवार्डी श्री हनुमत दरबार में लगायेंगे सूरों का भोग
काशी के पांच सौ वर्ष पुरानी इतिहास को समेटे हुए श्री संकटमोचन मंदिर श्री हनुमान जी के सानिध्य में श्री हनुमत जयंती के अवसर पर होने वाला संगीत समारोह इस वर्ष शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर गया है। खास बात यह है कि जी-20 के मेहमानों की तैयारियों में जुटे बनारस को शताब्दी वर्ष में आयोजित संकटमोचन संगीत समारोह से और बल मिलेगा। इस बार शताब्दी वर्ष के अवसर पर 10 अप्रैल से 16 अप्रैल तक सात दिवसीय संगीत समारोह का आयोजन किया गया है। संगीत समारोह की शुरुआत प्रतिदिन सायं 7.30 बजे से होगी।
इस शताब्दी वर्ष के संगीत समारोह की खास बात यह है कि इस वर्ष समारोह में देश-विदेश के ख्यातिलब्ध शास्त्रीय संगीतकारों के साथ ही पद्म पुरस्कार से सम्मानित कुल 38 संगीत साधक श्री संकटमोचन दरबार में संगीत साधना करेंगे। यह जानकारी मंगलवार को तुलसीघाट पर आयोजित पत्रकार वार्ता में संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र ने दी।
उन्होंने बताया कि शताब्दी वर्ष को यादगार बनाने के लिए प्रख्यात गायक तलत अजीज, सोनू निगम, लोक कोकिला मालिनी अवस्थी, जसवीर सिंह जस्सी, प्रो यैल्ला वेंकटेश्वर राव, पं हरि प्रसाद चौरसिया, पं निलाद्री कुमार, उस्ताद मोइनुद्दीन खान, उस्ताद राशिद खान, कौशिकी चक्रवर्ती, पं संजू सहाय, पं यू राजेश, पं शिवमणि सहित नामी गिरामी कलाकार श्री हनुमत दरबार में स्वरांजली अर्पित करेंगे। इसके साथ ही रुपवाणी संस्था की ओर से व्योमेश शुक्ला द्वारा निर्देशित नृत्य नाटिका राम की शक्ति पूजा विशेष आकर्षण का केंद्र होगा।
उन्होंने बताया कि शताब्दी वर्ष संकटमोचन संगीत समारोह मंदिर प्रबंधन अपने संसाधनों से आयोजन करवाता है और यह भव्य समारोह श्री संकटमोचन जी महाराज के ही सानिध्य में होता चला आ रहा है। इस अवसर पर मंदिर परिसर में देश विदेश के कला साधकों की कलाकृतियों की अनूठी झांकियों के साथ ही साहित्य का भी भरपूर समावेश का भव्य दर्शन होगा। शताब्दी वर्ष में एक स्मारिका भी विमोचित की जायेगी।
महंत प्रो मिश्र ने बताया कि संगीत समारोह से पूर्व 6 अप्रैल को श्री हनुमत जयंती के अवसर पर श्री संकटमोचन महाराज जी का विशेष श्रृंगार, झांकी आरती, पूजन के उपरांत विविध धार्मिक अनुष्ठान किया जायेगा। इसके अलावा 7 अप्रैल से 9 अप्रैल तक तीन दिवसीय सौंवा सार्वभौम रामायण सम्मेलन होगा। रामायण सम्मेलन में पं उमा शंकर - बरेली, पं रमाकांत चतुर्वेदी - हनुमानगढ़ और पं नीरज मिश्र - छपरा (बिहार) सहित काशी और देश के अन्य हिस्सों से आए मानस मर्मज्ञों का प्रतिदिन सायं 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक प्रवचन होगा।