श्रीराम मन्दिर का निर्माण कार्य तीन वर्षों में पूरा हो जायेगा



--परमानंद पांडेय,
अध्यक्ष - अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी सेवा न्यास,
राष्ट्रीय संयोजक - मंजिल ग्रुप साहित्यिक मंच, उत्तर भारत।

राम जन्मभूमि क्षेत्र ट्रूस्ट के महासचिव चंपत रॉय ने बताया कि भव्यतम राम मन्दिर तीन वर्षों में बन जायेगा। उन्होंने बताया कि 24 घंटे काम हो रहा है।12--12 घाटों की दो पालियों में काम चल रहा है। न्यास के महासचिव ने बताया कि 01.02 लाख वर्ग किलोमीटर में नींव का कार्य चल रहा है जो अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा।

वर्षों वर्षों से भारत सहित पूरे संसार में रह रहे हिन्दुओं की हार्दिक इच्छा थी, कि अयोध्या में राम लला का भव्यतम मन्दिर बनकर तैयार हो जाए। वर्षों से कानूनी लड़ाई लड़ी गई। कांग्रेस ने खुलकर मुस्लिम पक्षकारों का साथ दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रसिद्ध वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में यहां तक कह दिया कि 2019 के चुनाव तक मुकदमें की सुनवाई को रोक देना चाहिए। किन्तु तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सभी बाधाओं को दूर करते हुए यह तय कर लिया कि वे अपने कार्यकाल में इस मुकदमे पर अन्तिम फैसला दे ही देंगे। लगातार सुनवाई होती रही। और अंततः निर्णय गोगोई साहब की अध्यक्षता वाली पीठ ने दे ही दिया। सबसे बड़ी बात ये हुई कि निर्णय सर्वसम्मति से हुआ। मुस्लिम जज साहब ने भी स्वीकार किया कि वहां राम लाला का मन्दिर था।

कांग्रेस तो खुलेआम मुस्लिम पक्ष का समर्थन करती है। एक तरफ तो वह अपने नेताओं जो मुस्लिम पक्ष के वकील थे, के माध्यम से मुकदमे को लटकाए रखना चाहती थी वहीं दूसरी तरफ कहती थी कि भाजपा तो मामले को लटकाना चाहती है ताकि उसे चुनावों में लाभ मिलता रहे। खैर श्री राम की कृपा से सारी बाधाएं दूर होती गईं। जीत भी सत्य की हुई। श्रेय तो प्रधानमंत्री जी को मिला ही क्योंकि मोदी जी के कार्यकाल में ही यह ऐतिहासिक निर्णय आया।

प्रधानमंत्री बनने के बाद वे अयोध्या तब तक नहीं गए जब तक मन्दिर का भूमिपूजन और शिलान्यास नहीं हुआ। भूमिपूजन तो उन्हीं के हाथों होना ही था। कोर्ट के निर्णय के आलोक में सरकार को ही ट्रस्ट भी बनाना था। ट्रस्ट में ऐसे ही सम्मानित लोगों को रखा गया जिनकी चतुर्दिक प्रतिष्ठा हैं।

जब यह भव्यतम राम मन्दिर बन जाएगा तो अयोध्या भारत की आध्यात्मिक राजधानी हो जाएगी। पुरे विश्व के हिंदुओं के लिए तो यह सर्वश्रेष्ठ तीर्थ होगा ही दूसरे धर्म के लोगों के लिए भी यह महान आकर्षण का केंद्र होगा। धार्मिक और धार्मिक पर्यटन को ध्यान में रखकर भी यह अपूर्व तीर्थ होगा।

सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रपुरुष भगवान श्रीराम का यह मंदिर हिन्दुओं सनातनियों के लिए तो एक शीर्ष प्रकाश स्तंभ के रूप में सबों को रास्ता दिखता रहेगा।

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