संजय की वापसी को लेकर उत्सुक अधिकारी, वर्षों से पैसों का मायाजाल बुनने में माहिर है प्रकट



--विजया पाठक (एडिटर - जगत विजन),
भोपाल-मध्य प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

मध्य प्रदेश माध्यम और जनसंपर्क के आला अधिकारियों के साथ मिलकर वर्षों से करोडों रुपए इधर से उधर करने वाला संजय प्रकट एक बार फिर इन्हीं दोनों विभागों में वापसी को लेकर तैयारी में है। खास बात यह है कि खुद वरिष्ठ अधिकारी प्रकट की वापसी को लेकर उत्साहित है और तरह तरह की जुगत बिठाने में लगे हुए है। जाहिर है कि संजय प्रकट की वापसी से कहीं न कहीं इन अधिकारियों के भी हित जुटे रहते है जो अपने हिसाब से आयोजन करने का जिम्मा प्रकट एंड कंपनी विजन फोर्स को देते है और उनसे कमीशन फिर करोड़ो रुपए वसूलने का काम करते है। जनसंपर्क के एक आला अफसर ने तो प्रकट के साथ मिलकर इतना बड़ा खेल किया कि अपने नजदीकी रिश्तेदारों के नाम पर इवेंट कंपनी शुरु कर दी। इतना ही नहीं कंपनी कुछ ही महज दो तीन सालों में इतनी बड़ी हो गई कि कुंभ से लेकर संस्कृति विभाग सहित जनसंपर्क, माध्यम जैसे विभागों के वृहद आयोजनों को करवाने का जिम्मा एक तरफा सभी नियम कायदों को दरकिनार करते हुए पहले संस्था को इनपैनल करवाया और उसके बाद सभी प्रमुख कार्य इस कंपनी को ही देना शुरू कर दिया।

जबकि प्रदेश में और भी ऐसी संस्थाएं है जो इस तरह के आयोजनों को करने कई सक्षम इवेंट कंपनियां प्रदेश में संचालित है। लेकिन अधिकारियो और प्रखट की इस मिली भगत से कहीं न कहीं दोनों ही विभागों के वरिष्ठ अफसर वर्षों से अनदेखा करते आ रहे है। न तो प्रकट को हुए भुगतानों की कोई जांच की जाती है और ना ही कोई रिव्यू। यही वजह है कि संजय प्रकट इतने सालों से पैसों का मायाजाल बुनने में कामयाब है और सरकार महज तमाशबीन बनी हुई हैं। देखा जाए तो पिछले दिनों प्रकट की कंपनी के यहां आयकर विभाग का छापा भी बड़ा इस छापेमार कार्यवाही में जनसंपर्क के वरिष्ठ अधिकारी के रिश्तेदार की कंपनी में भी कार्यवाही की गई लेकिन इस कार्यवाही की जानकारी एक दिन के अलावा दूसरे दिन किसी भी प्रकार से बाहर नहीं आने पाई। वजह कहीं न कहीं साफ है और इस तरफ इशारा करती है कि प्रभावशाली लोग पर हुई कार्यवाही पर न तो विपक्ष और ना ही सत्ता पक्ष के लोगों ने आवाज उठाने की जहमत उठाई। क्योंकि कहीं न कहीं यह सभी कहीं न कहीं एक ही थाली के चट्टे बट्टे होते है और मिलकर जुलकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे है। जबकि सरकार को इस तरह के लोगों का पर्दाफाश करके इनको पिछले 15 सालों से अभी अधिक समय से हुए भुगतानों की जांच करना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर इनसे रिकवरी कर इन्हें सबक सिखाना चाहिए।

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