--विजया पाठक (एडिटर - जगत विजन),
भोपाल-मध्य प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
लाखों करोड़ों रुपए के घोाटाले कर चुके मध्य प्रदेश माध्यम में वित्त एवं परियोजना शाखा में पदस्थ राकेश गौतम अभी भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। साहब की पैसे खाने की भूख शांत होती ही नहीं दिखाई दे रही है। करोड़ों रुपए की हेरा फेरी के अलावा भी राकेश गौतम पर महिला सहकर्मी द्वारा की गई शिकायत तो पहले से ही दर्ज है बावजूद साहब अपनी कार्यशैली में किसी प्रकार का बदलाव लाने को तैयार नहीं है। मजे की बात यह है कि साहब लगातार मध्य प्रदेश माध्यम के वरिष्ठ अधिकारियों की नाक के नीचे अपनी इच्छानुसार लोगों के भुगतान कर उनसे कमीशन एकत्रित कर रहे है। साफ है कि इसमें कहीं न कहीं माध्यम के वरिष्ठ अफसरों की मिली भगत हो सकती है तभी तो एक भ्रष्ट शख्स के खिलाफ कोई जांच किए जाने के बजाय लगातार उसके साथ मिलकर अपने चहेतों के बड़े-बड़े भुगतान करवा रहे है। खास बात यह है कि जिन लोगों से साहब को कमीशन मिलने की कोई गुंजाइश नहीं होती साहब उनके पेमेंट का भुगतान करना तो दूर बात करना भी उचित नहीं समझते। ऐसे न जाने कितने लोग दिन भर में आकर साहब के सामने भुगतान किए जाने की गुहार लगाते है, लेकिन साहब के कानों में जूं नहीं रेंगती और वो उन्हें शासकीय नियमों का झूठा बहाना बनाकर भुगतान को टाल देते है।
बड़ा सवाल यह है कि शासन, प्रशासन और स्वयं मध्य प्रदेश माध्यम के प्रबंध संचालक राकेश गौतम की इस तरह की कार्यशैली से ठीक तरह से परिचित है, बावजूद वो इस विषय पर न तो जांच कराने के निर्देश दे रहे है और ना ही राकेश को उसके मुख्य कार्यों से वंचित कर रहे है। माध्यम प्रबंधन के इस तरह के रुखे रवैये से साफ जाहिर होता है कि राकेश गौतम एक अकेला व्यक्ति नहीं है जो करोड़ों रुपए की धांधली कर रहा है। इसमें अन्य कई प्रमुख अफसर भी शामिल है जो आपस में मिलकर जनता के पैसों की बंदरबांट मचाए हुए है। जबकि यह किसी भी शासकीय कार्यालय में नियम के खिलाफ होता है लेकिन राकेश गौतम को नियम और शासन की कार्यवाही का कोई भय नहीं और वो खुले आम लोगों से कमीशन मांगने और मनचाहे ढंग से करोड़ों रुपए इधर से उधर करने का काम कर रहे है।