--अभिजीत पाण्डेय (ब्यूरो),
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
भागलपुर के सबौर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय की अग्रिम वेरायटी की फूलगोभी की खुशबू बांग्लादेश तक जा पहुंची है। इस बार बांग्लादेश की राजधानी ढाका के किसान सबौर की अग्रिम वेरायटी की खेती करने जा रहे हैं। इसके लिए वहां से बीज की मांग की गयी है। बीएयू एक कंपनी के जरिये बीज मुहैया कराएगा।
ढाका में 50 हेक्टेयर में फूलगोभी की खेती करने की तैयारी है। कंपनी ने बीएयू से न सिर्फ बीज, बल्कि खेती में वैज्ञानिक मदद की भी मांग की है। यहां के कृषि वैज्ञानिक ढाका के किसानों से ऑनलाइन जुड़कर गोभी की उन्नत खेती में मदद करेंगे। पिछले साल बीज की एक कंपनी ने ढाका में सबौर अग्रिम वेरायटी का डेमो दिखाया था, जिसे वहां के किसानों ने काफी पसंद किया था।
बीएयू के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ• आर• के• सोहाने ने कहा कि यह सबौर के लिए गौरव की बात है। अब बिहार-यूपी, बंगाल के साथ-साथ ढाका में भी फूलगोभी की नयी वेरायटी की खेती होगी। सबौर अग्रिम के उत्पादन में बीएयू के सात साल का मेहनत है। यहां के वैज्ञानिकों के परिश्रम की वजह से ही किसानों के बीच फूलगोभी की मांग बढ़ने लगी है।
अंतीचक के किसान का कहना है कि चार साल से सबौर अग्रिम वेरायटी की फूलगोभी की खेती कर रहे हैं। इसकी सफेदी और कसावट की वजह से लोग इसे पसंद करते हैं। अब इलाके के कई किसान इस वेरायटी की खेती करने लगे हैं। जून से लेकर जुलाई अंत तक इसकी बुआई की जाती है। सितंबर में काटकर बाजार में बेच दी जाती है। इसमें कीड़ा नहीं लगने से गोभी खराब भी जल्दी नहीं होता है। धीरे-धीरे इसका बाजार बढ़ रहा है।
सबौर अग्रिम फूलगोभी फसल 65-70 दिनों में तैयार हो जाती है। इस किस्म को विकसित करने वाले बीएयू उद्यान सब्जी विभाग के वैज्ञानिक डॉ• रणधीर कुमार ने कहा कि फूलगोभी की फसल 42 डिग्री तापमान पर भी टिका रहता है। इसकी रोपाई 20 जून से होती है और सितंबर अंतिम तक फसल तैयार हो जाती है। किसान चाहे तो फरवरी में रोपाई कर मई में भी काट सकते हैं।
सबौर अग्रिम फूलगोभी का फूल दूधिया और कसा हुआ होता है। इसका वजन 500 ग्राम तक होता है। यह फूलगोभी का अगात किस्म है। किसान चाहे तो इसका बीज भी आसानी से उत्पादन कर सकते हैं। इसकी खेती ऊपरी जमीन पर ही संभव है।
बिहार में भागलपुर, बांका, जमुई, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद, रोहतास, मुजफ्फरपुर, छपरा, किशनगंज, अररिया और पूर्णिया में किसान बड़ी संख्या में सबौर अग्रिम का उत्पादन कर रहे हैं। इसके अलावा बंगाल के सिलीगुड़ी क्षेत्र में भी फूलगोभी का काफी उत्पादन होता है। इसके साथ उत्तरप्रदेश (मेरठ, सराहनपुर, बरेली) में भी किसान बड़ी संख्या में सबौर अग्रिम की खेती कर रहे हैं।
पहली बार मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी सबौर अग्रिम फूलगोभी की वेरायटी की खेती होगी। इसके लिए बीएयू की ओर से पांच किलो बीज भेजा गया है। इससे 15 एकड़ में फूलगोभी की खेती की जाएगी। इसके अलावा सिलीगुड़ी और बंगाल के किसान भी इसे काफी पसंद कर रहे हैं। वहां पर भी खेती शुरू हो गयी है। इस साल बड़े पैमाने पर खेती की उम्मीद की जा रही है।