--अभिजीत पाण्डेय (ब्यूरो),
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
इस बार चतुर्मास एक जुलाई से शुरू हो रहा है। इस बार दो आश्विन मास होने से 4 महीने तक रहने वाला चातुर्मास पांच महीने का होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार चातुर्मास की अवधि में मांगलिक कार्य शादी- ब्याह को वर्जित माना गया है।
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, चातुर्मास एक जुलाई से आरंभ होकर 25 नवंबर तक यानी देवउठनी एकादशी 148 दिनों तक जारी रहेगा।
हिंदू धर्म में चातुर्मास का अपना महत्व है, जो इस बार एक जुलाई से शुरू हो रहा है जो 25 नवंबर तक चलेगा, इस दौरान देवशयन करेंगे और 26 नवंबर को इसकी समाप्ति होगी। इसके साथ ही 18 सितंबर से 16 अक्टूबर तक क्वांर के महीने में अधिकमास भी पड़ रहा है। इसके कारण चातुर्मास के दिनों में और वृद्धि हो गई है। 4 महीने के स्थान पर 4 महीने 25 दिन का इस साल चतुर्मास होगा।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार हर 32 मास, 16 दिन और 4 घंटे बीतने पर अधिकमास पड़ता है। यह संयोग 32 माह बाद बना है। इससे पहले वर्ष 2017 में अधिकमास पड़ा था। जैन धर्म में 4 व 5 जुलाई से चातर्मास शुरू होगा।
कोरोना संक्रमण के बाद अनलॉक 1.0 में मंदिरों के पट खुल गए हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों की तरफ से रुख कर रहे हैं। लेकिन मांगलिक और शुभ कार्य अभी पूरी तरीके से नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे कई घरों में इस बार शहनाइयां नहीं बजी जहां पहले से शादी विवाह तय किए गए थे। लेकिन अब एक बार फिर से अनलॉक में भी शादी विवाह जैसे मांगलिक कार्य नहीं हो पाएंगे।