5 जुलाई को लगेगा चौथा ग्रहण - 'चंद्र ग्रहण'



--अभिजीत पाण्डेय (ब्यूरो),
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

5 जुलाई को चंद्र ग्रहण का योग बन रहा है। यह चंद्र ग्रहण भी कई मायनों में विशेष है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 5 जून से लेकर 5 जुलाई के बीच तीन ग्रहण का लगना शुभ नहीं माना जा रहा है। 5 जून को साल का दूसरा ग्रहण चंद्र ग्रहण के रूप में देखा गया था। इसके बाद 21 जून को सूर्य ग्रहण लगा। जो सदी का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण था। इसके ठीक बाद यानि दो 15 दिन के भीतर ही तीसरा ग्रहण लगने जा रहा है जो साल का चौथा ग्रहण है।

5 जुलाई को लगने वाला चंद्र ग्रहण शक्तिशाली नहीं है लेकिन जिस तरह से बीते 30 दिनों में तीन ग्रहणों का योग बना है उससे इसके परिणाम शुभ नहीं माने जा रहे हैं। क्योंकि जब एक माह में दो या दो से अधिक ग्रहण लगते हैं तो इनका नकारात्मक प्रभाव सभी पर दिखाई देता है। इसलिए यह समय बहुत ही संयम के साथ बिताने का है।

● 30 दिन में 3 ग्रहण का अर्थ

30 दिन के भीतर 3 ग्रहण का अर्थ अच्छा नहीं माना जाता है। ये ग्रहण आपदा, क्षति, विवाद और हिंसा का भी कारण बनते हैं। वहीं खेती और व्यापार के लिए भी ये शुभ नहीं माने जाते हैं।

5 जुलाई चंद्र ग्रहण धनु राशि में लगने जा रहा है। जिस कारण धनु राशि के जातकों की परेशानी बढ़ सकती हैं। इसलिए अभी से उपाय आरंभ करने से ग्रहण की अशुभता को कम करने में मदद मिल सकती है। 5 जून को लगने वाला चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि में लगा था। ग्रहण के समय ज्येष्ठ नक्षत्र था।

● 5 जुलाई, चंद्र का समय
उपच्छाया से पहला स्पर्श: 08:38 प्रात:
परमग्रास चन्द्र ग्रहण: 09:59 प्रात:
उपच्छाया से अन्तिम स्पर्श: 11:21 प्रात:
ग्रहण अवधि: 02 घण्टे 43 मिनट 24 सेकेंड

5 जुलाई को लगने वाले इस चंद्र ग्रहण में सूतक काल मान्य नहीं होगा, यानि किसी भी प्रकार के शुभ कार्य वर्जित नहीं होंगे, पूजा पाठ और भोजन आदि से जुड़े कार्य किया जा सकेंगे। लेकिन फिर भी संयम बरतने और नियमों का पालन जरूरी है।

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