मधेपुरा रेल कारखाना से एक माह में 14 एसी इलेक्ट्रिक इंजन निकले



--अभिजीत पाण्डेय (ब्यूरो),
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

मधेपुरा रेल कारखाना में देश का सबसे शक्तिशाली 12 हजार हॉर्स क्षमता वाले इंजन का निर्माण जोरशोर से होने लगा है। एक माह में अब तक 14 एसी विद्युत इंजन तैयार करते भारतीय रेल की पटरी पर चलाने के लिए निकाला जा चुका है।

मधेपुरा रेल इंजन कारखाना के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि मालगाड़ी में लगकर भारतीय रेल की पटरी पर चलाने के लिए गुरुवार को चार इंजन कारखाना से निकाले गए। इन इंजनों को आवश्यकता अनुसार रेलवे का ट्रैफिक विभाग मालगाड़ी में लगाकर परिचालन कराएगा। उन्होंने कहा कि 12 हजार हॉर्स क्षमता वाली देश का यह पहला इंजन अभी ईस्ट सेंट्रल रेलवे, नॉर्दर्न रेलवे और एनईआर में परिचालित कराया जा रहा है। सौ किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाले इस इंजन से रफ्तार में माल एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाए जाते हैं।

मधेपुरा के रेल विद्युत कारखाना में तैयार इंजन छह हजार टन क्षमता वाली मालगाड़ी को खींचने में सक्षम है। उच्च अश्व शक्ति वाले 12 हजार हॉर्स पावर के इस इंजन को तैयार करने वाला भारत विश्व का छठा देश है। मेड इन इंडिया की तर्ज पर इंजन का निर्माण किया जा रहा है। ट्विन बो-बो डिजाइन वाली इस इंजन का अक्षीय भार 22.5 टी (टन) है। यह इंजन डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए कोयला गाड़ियों की आवाजाही के लिए एक गेम चेंजर होगा। एम्बेडेड सॉफ्टवेयर के जरिए इसके सामरिक उपयोग को जीपीएस माध्यम से ट्रैक किया जा सकता है। माइक्रोवेव लिंक के जरिए जमीन पर सर्वर के माध्यम से उठाया जा सकता है। इंजन में दोनों तरफ वातानुकूलित ड्राइवर कैब है। इसकी रफ्तार भविष्य में 120 किलोमीटर प्रति घंटे की हो सकती। इंजन को तैयार करने में देश विदेश के दक्ष इंजीनियरों की टीम लगी रहती है।

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