--अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
• सारण जिले से हुई शुरुआत
बिहार सरकार ने 50 साल बार एक बार फिर गजट प्रकाशन का काम शुरू किया है। राजस्व और भूमि सुधार विभाग ने शुक्रवार को सारण जिले का गजट प्राशित किया। गौरतलब है कि बिहार में 1970 से गजट का प्रकाशन बंद था। लेकिन अब सरकार ने सारण जिले का गजट शुक्रवार को जारी किया। इसके साथ ही अब 38 जिलों के गजट के प्रकाशन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। एक के बाद एक अब सभी जिलों के गजट प्रकाशित किए जाएंगे।
बिहार सरकार के संकल्प के अनुसार 2016 में जिले अनुसार गजेटियर का प्रकाशन का फैसला लिया गया और इसकी पूरी जिम्मेवारी राजस्व और भूमि सुधार विभाग को सौंपी गई। विभाग द्वारा बिहार के सभी 38 जिलों के गजेटियर के प्रकाशन की रूपरेखा तय कर ली गई है। बारी-बारी से सभी जिलों के गजेटियर प्रकाशित किए जाने हैं। इसके लिए बिहार सरकार ने अलग से बजट में राशि का आवंटन कर दिया है। सारण जिले का अपना गजेटियर लगभग 60 साल बाद प्रकाशित हुआ है। इसके पहले 1960 में सारण जिले का गजेटियर प्रकाशित हुआ था। इसके बाद पटना जिले के गजेटियर के प्रकाशन की बारी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने देश भर के गजेटियर के प्रकाशन में एकरूपता लाने के लिए मानक तय कर दिए हैं।
गजेट मे किसी भी क्षेत्र का विवरण उपलब्ध रहता है। गजेट जिले और राज्यों के बारे में सरकारी दस्तावेज होते हैं, जो कि सबसे प्रामाणिक माने जाते हैं। इसमें न केवल जिलों का इतिहास होता है बल्कि उस जिले के बारे में एक एक तथ्यों की जानकारी होती है।