--अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
प्रदेश के जिलों में 15 फरवरी से हैंडहेल्ड डिवाइस से ऑन स्पॉट यातायात नियमों एवं मोटर वाहन अधिनियमों के उल्लंघनकर्ताओं से ई चालान काट जुर्माने की राशि वसूली जाएगी। इसके लिए गुरुवार को सभी जिलों के डीटीओ, एमवीआई और ईएसआई को हैंडहेल्ड डिवाइस की ट्रेंनिंग दी गई।
परिवहन विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि 15 फरवरी 2020 के बाद जिलों में मैनुअली चालान का रसीद नहीं कटेगा। फिलहाल सिर्फ पुलिस द्वारा मैनुअली चालान काटा जाएगा। डीटीओ, एमवीआई और ईएसआई ऑन स्पॉट हैंडहेल्ड डिवाइस से ई चालान काटेंगे। उन्होंने बताया कि 01 अप्रैल 2019 को पटना में हैंडहेल्ड डिवाइस के माध्यम से पायलट प्रोजेक्ट के तहत ई चालान शुरू किया गया था। यह प्रोजेक्ट सफल रहा। इसके बाद अब पूरे बिहार में इसे लागू किया जा रहा है।
वर्तमान में पटना को छोड़ कर अन्य सभी जिलों में मैनुअली चालान काटा जा रहा है। वाहन चालक उल्लंघनकर्ताओं को चालान रसीद दिया जाता है। हैंडहेल्ड डिवाइस से ई चालान काटे जाने पर हर वाहन चालक उल्लंघनकर्ताओं का सिस्टम में रिकॉर्ड दर्ज होगा। बार बार नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित वाहन चालक पकड़ में आ जाएंगे और उनका लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि वाहन प्रदूषण जांच के लिए हर प्रखंड में कम से कम एक प्रदूषण जांच केंद्र खोला जायेगा। राज्य में लगभग 725 प्रदूषण जांच केंद्र हैं। इसकी संख्या बढ़ा कर 2000 की जाएगी।
परिवहन सचिव ने सभी डीटीओ को निर्देश ने दिया कि जिन प्रखंडों में प्रदूषण जांच केंद्र नहीं है वहां डीलर पॉइंट और पेट्रोल पंप पर प्रदूषण जांच केंद्र खुलवाना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, सर्व क्षमा योजना, ट्रेड टैक्स, पॉल्युशन, आरसी-डीएल डिस्पैच और सड़क सुरक्षा आदि की समीक्षा की गई।
बैठक मे आरसी-डीएल का मैनुअली डिस्पैच नहीं किए जाने, ट्रेड टैक्स के बिना एजेंसियां नहीं नहीं बेच पायेगी गाड़ी, रजिस्ट्रेशन के समय ही ट्रेड टैक्स का भुगतान करने और बिना परमिट के वाहन नहीं चलने पर विशेष चर्चा हुई।