--अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
बिहार एक बार फिर से आज इतिहास रचा। बिहार में विश्व की अब तक की सबसे लंबी मानव शृंखला बनी। जल-जीवन-हरियाली और नशा मुक्ति के समर्थन के साथ-साथ बाल विवाह और दहेज प्रथा मिटाने के लिए पूरे बिहार में 16443 किमी लंबी मानव शृंखला में 4.25 करोड़ लोग शामिल हुए। रविवार को साढ़े 11 बजे से आधे घंटे तक पूरे राज्य में मानव शृंखला बनी।
राजधानी पटना के गांधी मैदान में मानव श्रृंखला का मुख्य आयोजन हुआ। जल-जीवन-हरियाली और शराबबंदी के पक्ष में और दहेजप्रथा व बाल विवाह के खिलाफ एक बार फिर से बिहारी एकजुट हुआ। गांधी मैदान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, विधान परिषद के कार्यकारी सभापति हारून रशीद, जल पुरुष राजेन्द्र सिंह समेत कई मंत्री और अफसर मौजूद थे।
राज्य भर में 15 हेलिकॉप्टरों पर सवार फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर आसमान से मानव शृंखला को अपने कैमरे में कैद किए। गांव से लेकर शहर तक हर एक किलोमीटर पर एक वीडियोग्राफर को तैनात किया गया था। सुबह 11.30 से 12 बजे के बीच पूरे बिहार में 16 हजार किमी से अधिक लंबाई की मानव शृंखला बनी। इसमें बच्चे, शिक्षक, महिलाएं सहित हर तबके के लोग शामिल थे।
कड़ाके की ठंड और कहीं कहीं बूंदाबांदी के बावजूद लोग एक-दूसरे का हाथ पकड़ कर कतार बद्ध खड़े थे।
मानव श्रृंखला को लेकर राज्य प्रशासन की ओर से सभी जिलों की तैयारियों का जायजा लिया गया। पुलिस मुख्यालय ने भी सभी जिलों में पुलिस को शृंखला बनने से समाप्त होने तक की सुरक्षा के लिए मुस्तैद रहने का निर्देश दिया था। मानव श्रृंखला के सफल आयोजन के लिए नोडल शिक्षा विभाग ने सभी विभागों को इसमें शामिल होने का निर्देश दिया था।
इसके चलते रविवार को सभी सरकारी दफ्तर खोले गये थे। गांधी मैदान में बिहार के मानचित्र की आकृति में मानव श्रृंखला बनी थी। हेलीकॉप्टर और ड्रोन से मानव श्रृंखला की तस्वीर ली गयी। मुख्यमंत्री ने अंत में लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा अपने ढंग के इस अनोखे अभियान में लोगों की सहभागिता के लिए सम्पूर्ण बिहार वासियों को धन्यवाद देता हूँ। यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
इसके पूर्व बिहार ने 2017 में नशामुक्ति (शराबबंदी) अभियान को सफल बनाने के लिए विश्व की सबसे लंबी 11292 किमी कतार बना कर रिकॉर्ड बनाया था।
इस रिकॉर्ड को बिहार वासियों ने 2018 में तोड़ा था। इस साल दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के खिलाफ 13654 किमी लंबी मानव श्रृंखला बनाई गई थी।