अब नही कर पांएगे सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान, पुलिस अधिकारियों ने जाने तंबाकू के दुष्परिणाम



चंडीगढ़/पंचकूला 02 मई। जिलेभर के पुलिस अधिकारियों ने तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादेां के दुष्प्रभावों को मंगलवार को मिनी सचिवालय में संबध हैल्थ फाउंडेशन, फोर्टिस फाउंडेशन व पुलिस की और से आयोजित एक दिवसीय जागरुकता कार्यशाला के दौरान जाना। जिला पुलिस उपायुक्त अशोक कुमार के निर्देश पर हुए इस कार्यशाला के बाद अब जिले के सभी पुलिस थाना क्षेत्रों में आम जनता को जागरुक करने के लिए अलग से अभियान चलाया जायेगा और इसके बाद कोटपा एक्ट में चालान करने की कार्यवाही की जायेगी।

इस दौरान वायस आफ टोबेको विक्टिमस की पैटर्न व हैड नेक कैंसर सर्जन डा.सारिका वर्मा ने कार्यशाला में उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियेां को तंबाकू के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए बताया गया कि वर्तमान में अस्पतालों में कैंसर के जो रोगी बढ़ रहे है, दुःख की बात यह है कि अभी जो मरीज आ रहे है उनमें अधिकतर युवा है। जिनकी उम्र मात्र 15 साल से 35 के बीच है। हालांकि पहले इस उम्र के लोगों में कैंसर कम होता था लेकिन अब इस उम्र में यह बढ़ रहा है। यंहा जितने लोगेां में कैंसर की पहचान हो जाती है उनमें से अधिकांश एक साल के अंदर ही दम तोड़ देते है। इसलिए पुलिस यदि समय रहते इन युवाओं को इस प्रकार के नशों से रोकेगी तो इसका संदेश समाज में जाएगा।

डा० वर्मा ने बताया कि तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों में निकोटिन होता है जो कि हेरोइन से भी अधिक खतरनाक होता है। इनमें केवल 5 प्रतिशत से कम लोग ही निकोटिन को छोड़ पाते है इसलिए हम सभी को मिलकर इसके लिए सकारात्मक ढंग से काम करना होगा। चिकित्सकों के साथ साथ पुलिस अधिकारियों का भी दायित्व बनता है कि वे इसे रोकने के लिए सिगरेट एंव अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा 2003) का पूरी तरह से अनुपालन करावे। जिससे कि बच्चों व युवाओं को इससे बचाया जा सके।

डीसीपी अशोक कुमार ने कहा कि जिलेभर में कोटपा एक्ट का पालन कराने के लिए अभियान चलाया जायेगा। जिसमें सार्वजनिक स्थानेां पर धूम्रपान करने वालों पर चालान की कार्यवाही की जायेगी इसलिए जिलेभर के पुलिस अधिकारियों को इसके लिए केाटपा एक्ट में किस प्रकार से कार्यवाही हो इसके लिए प्रशिक्षित किया गया है। इस प्रशिक्षण के बाद सभी का सामूहिक प्रयास है कि आम जनता में तथा सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों का उपभोग कम हो। उन्होने बताया कि सभी पुलिस थानों के द्वारा जागरुकता अभियान के बाद नियमित रुप से कोटपा एक्ट के तहत कार्यवाही की जाएगी ताकि युवाओं को इस प्रकार की बुराई से बचाया जा सके।

संबध हैल्थ फाउंडेशन के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर डा० सोमिल रस्तौगी ने कहा कि प्रदेशभर में किशोर उम्र के जो लड़के लड़कियां धूम्रपान करतें है, उनमें से एक तिहाई से अधिक तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित होकर दम तोड़ देतें है। करीब 43 लाख लोग हरियाणा में तंबाकू का सेवन करते हैं। ग्लोबल एडल्ट टोबेको के सर्वे के अनुसार भारत में तंबाकू की लत 17 साल की उम्र में लग जाती है। ग्लोबल यूथ टोबेको के सर्वे में सामने आया कि भारत के 20 प्रतिशत से अधिक बच्चे तंबाकू के उत्पादों का प्रयोग करते हैं। प्रदेश में करीब 116 बच्चे प्रतिदिन तंबाकू उत्पादेां के सेवन की शुरुआत करते है, इनमें भी अधिकतर स्कूल व कालेजों में अध्ययन करने वाले शामिल है।

डा० रस्तौगी ने कहा कि सभी आधुनिक और प्रगतिशील राज्यों ने अपने नागरिकों के लिए एक स्वस्थ वातावरण प्रदान करने के लिए कोटपा कानून को कड़ाई से लागू किया है। कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों की पुलिस ने तंबाकू की खपत को कम करने में सराहनीय भूमिका निभाई है। उन्होने कोटपा एक्ट की धारा 4, 5, 6अ, 6ब, 7 व जेजे एक्ट के बारे में जानकारी दी। वंही पुलिस अधिकारियेां को बताया गया कि सार्वजनिक स्थानेां पर कोटपा एक्ट में की जाने वाली कार्यवाही का प्रभावी असर सामने आता है इसलिए पुलिस के द्वारा चलाए जाने वाले अभियान में इस कानून का उल्लंघन करने वालों पर कार्यवाही हो।

उन्होने बताया कि शिक्षण संस्थाओं के आस पास एक सौ गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध है इसलिए शिक्षण संस्थाओं के आस पास भी इसी अभियान के दौरान कार्यवाही की जायेगी।

सार्वजनिक स्थल/सार्वजनिक स्थान जैसे शासकीय कार्यालय, मनोरंजन केंद्र, पुस्तकालय, अस्पताल, स्टेडियम, होटल, शॉपिंग मॉल, कॉफी हाउस, निजी कार्यालय, न्यायालय परिसर, रेलवे स्टेशन, बस स्टाप, सभागृह, लोक परिवहन, शिक्षण संस्थान, टी-स्टॉल, ढाबा व अन्य सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान प्रतिबंधित है। इन स्थानों पर धूम्रपान करने वालों पर 200 रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।

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