दार्जिलिंग
पश्चिम बंगाल
इंडिया इनसाइड न्यूज।
रविवार, 28 जून को किरात खंबू (राय) सांस्कृतिक संस्थान केंद्रीय समिति दार्जिलिंग द्वारा आयोजित पवित्र 'साकेला उभौँली' महोत्सव में सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (गोले), दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट, पश्चिम बंगाल सरकार में गृह और पहाड़ी मामलों का विभाग तथा अल्पसंख्यक और मदरसा मामलों का विभाग के राज्यमंत्री बिसाल लामा सहित अन्य गणमान्य अतिथि सम्मिलित हुए।
सांसद राजू बिष्ट ने बताया कि राय जाति नेपाली भाषी गोरखा समुदाय का सबसे गौरवशाली, बहादुर और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध मूल घटक है, जिसका इतिहास सदियों पुराना है। 'साकेला उभौँली' पर्व प्रकृति पूजा, पूर्वजों के सम्मान, कृषि उपज की प्राप्ति और मौसमी परिवर्तन का एक सांस्कृतिक दस्तावेज है जो मानव और प्रकृति के बीच अटूट संबंध को दर्शाता है। इस तरह के मूल त्योहार हमारी नई पीढ़ी को उनकी जड़ों, सभ्यता और संस्कृति से जोड़ने के लिए एक सशक्त माध्यम के रूप में कार्य करते हैं। यह उनमें गर्व की भावना पैदा करता है।
श्री बिष्ट ने इस विशेष अवसर पर बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व हम सभी को एकता के सूत्र में बांधे, हमारी सामूहिक संस्कृति फल-फूलती रहे, हमारी मौलिक पहचान और उज्ज्वल हो। आप सभी को साकेला उभौँली की हार्दिक शुभकामनाएं। इस ऐतिहासिक व पवित्र 'साकेला उभौँली' महोत्सव में आमंत्रित करने के लिए संस्थान का हार्दिक आभार।
वहीं राज्यमंत्री बिसाल लामा ने कहा कि आज दार्जिलिंग में आयोजित किरात खंबू राय सांस्कृतिक महोत्सव 2026 और पवित्र साकेला उभौँली महोत्सव में शामिल होकर मुझे बहुत खुशी है। मैं किरात खंबू राय कल्चरल एंड रिसर्च सोसाइटी को इस उत्कृष्ट आयोजन के सफलतापूर्वक आयोजित करके किरात समुदाय की समृद्ध भाषा, संस्कृति, परंपरा और पहचान के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। साकेला महोत्सव हमें प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व में रहने, हमारे पूर्वजों के सम्मान और एकता, कृतज्ञता और आपसी सम्मान के मूल्यों को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। अपनी भाषा और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना हमारी साझा जिम्मेदारी है और आने वाली पीढ़ियों को दिया गया सबसे कीमती उपहार भी है।