नई दिल्ली,
इंडिया इनसाइड न्यूज़।
इस्पात एवं पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की पहल के बाद, चूना पत्थर खनन कंपनी बीआईएसआरए स्टोन लाइम कंपनी लिमिटेड (बीएसएलसी) में खनन गतिविधियाँ जल्द ही फिर से शुरू होने वाली हैं। यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में निरंतर संचालन सुनिश्चित करने के लिए प्रासंगिक प्रस्ताव का असर श्रमिकों और विक्रेताओं पर न पड़े।
धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में सोमवार को एक बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और सुंदरगढ़ के सांसद जुएल ओराम, बीरमित्रपुर के विधायक शंकर ओराम, मंत्रालय और इस्पात क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में उपस्थित थे।
राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड की सहायक कंपनी बीएसएलसी 1910 से ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में चूना पत्थर और डोलोमाइट के खनन और विपणन का कारोबार कर रही है। पिछले कुछ दिनों से नकदी संकट के कारण बीएसएलसी को परिचालन बंद करना पड़ा था। बीएसएलसी के प्रभावित कामगारों द्वारा इस मामले को सांसद और पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री जुएल ओराम और बीरमित्रपुर के विधायक शंकर ओराम के संज्ञान में लाया गया था। इसके बाद केंद्रीय इस्पात मंत्री द्वारा शीर्ष स्तर पर इस मुद्दे को शीघ्रतापूर्वक उठाया गया।
बैठक में यह सहमति बनी है कि परिचालन मुद्दों को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। सेल और आरआईएनएल ने व्यापार के लिए अग्रिम धनराशि और बीएसएलसी से डोलोमाइट खरीदने का आश्वासन दिया। जल्द ही एक दीर्घकालिक रणनीति पर काम किया जाएगा। संचालन इस सप्ताह में ही फिर से शुरू होगा।