खबरें विशेष : रूस यात्रा, श्रद्धांजलि गीत का विमोचन और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर



नई दिल्ली, 08 जुलाई 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

॥●॥ वायु सेना प्रमुख की रूस यात्रा

वायुसेना प्रमुख तथा चीफ ऑफ स्‍टाफ कमेटी पीवीएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, वीएम, एडीसी बिरेन्‍द्र सिंह धनोआ 09 जुलाई से 12 जुलाई तक रूस की द्विपक्षीय सद्भावना यात्रा पर रहेंगे।

इस दौरान वह रूस के प्रशिक्षण विमान वाईएके -130 पर उड़ान भरेंगे और साथ ही रूसी सेना की विभिन्‍न परिचालन और प्रशिक्षण इकाइयां देखने जाएंगे। वायुसेना प्रमुख रूस की सशस्‍त्र सेना के वरिष्‍ठ अधिकारियों के अलावा कई अन्‍य लोगों से मुलाकात भी करेंगे।

उनकी यह यात्रा भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग के साथ-साथ आपसी रिश्तों को मजबूत करने तथा दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच प्रभावी साझेदारी के लिए बेहतर माहौल भी बनाएगी।

॥●॥ कारगिल श्रद्धांजलि गीत का विमोचन

राष्ट्र इस वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस की 20वीं वर्षगांठ मनाएगा, इसी उपलक्ष्‍य में शुक्रवार 05 जुलाई को मानेकशॉ केंद्र, नई दिल्ली में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने कारगिल के शहीदों और युद्ध से जुड़े पूर्व सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कारगिल श्रद्धांजलि गीत का विमोचन किया।

सैनिकों को श्रद्धांजलि देने वाले इस गीत की रचना विख्‍यात हिंदी गीतकार समीर अंजान द्वारा की गई है तथा शताद्रू कबीर ने इसे गया है। इसका संगीत राजू सिंह द्वारा तैयार किया गया है।

ऑपरेशन विजय में द्रास, कारगिल, बटालिक और टर्टुक की बर्फीली ऊंचाइयों पर भारतीय क्षेत्र से पाकिस्तानी घुसपैठियों को बाहर निकालने के बड़े अभियान शामिल थे और यह भारतीय सशस्त्र बलों के सैनिकों के साहस, वीरता और बलिदान का गवाह रहा है। 20वीं वर्षगांठ समारोह का उद्देश्य ‘उनके बलिदान को याद रखना’, ‘उनकी जीत की खुशी मनाना’ और आवश्‍यकता पड़ने पर ‘संकल्‍प दुहराना’ है।

॥●॥ भारतीय सेना और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर 05 जुलाई 2019

भारतीय सेना की धन सूचना प्रणाली संगठन (एमआईएसओ) सूचना प्रणाली महानिदेशालय (डीजीआईएस) के अधीन एक नोडल एजेंसी है, जो रक्षा मंत्रालय (सेना) के एकीकृत मुख्यालय और अन्य एजेंसियों को समेकित करने के लिए प्रबंधन संबंधित सूचना उपलब्‍ध कराने हेतु कर्मियों, उपकरणों और प्रमुख स्‍टोर्स के लिए एक केंद्रीकृत डेटाबेस के रख रखाव के लिए अधिदेशित है। यह अनुप्रयोग विरासत में प्राप्‍त था और इसमें समग्र सुधार की आवश्यकता थी।

संगठनात्मक अपेक्षाओं और बढ़ी हुई उपयोगकर्ता आकांक्षाओं को पूरा करने, इसके बजाये कि पारंपरिक विकासात्मक ढांचे को नियोजित किया जाये, डीजीआईएस ने नए एमआईएसओ एप्लिकेशन को विकसित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के साथ एक नए सहयोगी दृष्टिकोण का प्रयोग किया। गांधीनगर स्थित भास्कराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस एप्लिकेशन और भू-सूचना विज्ञान (बीआईएसएजी), जो कि गुजरात सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक सीएमएमआई-5 स्तर का संस्थान है, में विकास कार्य आरंभ हुआ। थोड़े समय में ही इस प्रयोग के अच्‍छे लाभ प्रदर्शित हुए हैं और यह तेज गति से आईए के स्वचालन के लिए बेहद लाभप्रद साबित हुआ है।

समस्‍त विकास संबंधी ढांचे, संरचनाओं और कार्यप्रणाली को औपचारिक रूप देने के लिए, सूचना प्रणाली के महानिदेशक और कर्नल कमांडेंट, कोर ऑफ ईएमई लेफ्टिनेंट जनरल अनिल कपूर और एमएस राव, अध्यक्ष और सीईओ, एनई जीडी ने बीआईएसएजी के निदेशक टीपी सिंह की उपस्थिति में 05 जुलाई 2019 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

इस एमओयू पर हस्ताक्षर रक्षा मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बीच अपनी तरह की पहली अंतर-मंत्रालयी पहल है और इससे आईए के लिए सहयोगात्मक तरीके से नवीन समाधान खोजने के लिए इसी तरह के संयुक्त ढांचे का निर्माण होना सुनिश्चित है।

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