मादक पदार्थों के प्रयोग के खतरों से युवाओं को आगाह करने के लिए विशेष अभियान चलाऐं : उपराष्ट्रपति



नई दिल्ली, 27 जून 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

उपराष्ट्रपति एम• वेंकैया नायडु ने बुधवार 26 जून को स्कूल और कालेज के विद्यार्थियों जैसे संवेदनशील वर्गों में नशे तथा उसके दुष्परिणामों के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए, विशेष अभियान चलाने का आह्वाहन किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक आर्थिक रुप से कमजोर वर्गों के युवा प्राय: इस खतरे के शिकार हो जाते हैं, अत: उन पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

मादक पदार्थों के सेवन तथा अवैध व्यापार के विरूद्ध अंतरराष्ट्रीय दिवस पर सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए, श्री नायडु ने मादक पदार्थों के बढ़ते प्रयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2016 में, विश्व भर में 15-64 आयु वर्ग के 275 मिलियन लोगों ने वर्ष भर में कम से कम एक बार मादक पदार्थों का उपयोग किया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में लगभग 4.5 लाख लोग नशे की लत के कारण अपनी जान से हाथ धो बैठे।

उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की लत के शिकार लोगों को शारीरिक, मानसिक व्याधियों, बीमारियों, असामयिक मृत्यु या शारीरिक दुर्बलता या अपंगता जैसी विषम स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ता है जो न सिर्फ परिवार की आर्थिक विपन्नता बढ़ाती है बल्कि सरकारी कोष पर भी बोझ बढ़ाती हैं और स्वास्थ्य चिकित्सा तंत्र के लिए गंभीर चुनौती प्रस्तुत करती हैं।

नशे की लत के परिणामों की चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि सिर्फ सरकारी एजेंसियों द्वारा किये जा रहे प्रयास ही इस चुनौती का सामना करने के लिए पर्याप्त नहीं होंगे। उन्होंने गैर सरकारी संगठनों, सिविल सोसाइटी तथा समर्पित स्वयंसेवी नागरिकों और विशेषज्ञों से, इस खतरे को समाप्त करने में सरकारी प्रयासों में सहयोग करने का आह्वाहन किया।

श्री नायडु ने कहा कि नशे की लत का उपचार एक बीमारी की तरह किया जाना चाहिए। जो इस आदत के शिकार हैं उन्हें परामर्श, सहानुभूतिपूर्वक स्नेह से इस लत से बाहर निकाल कर, पुनर्स्थापित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अभिभावकों और शिक्षकों को समझाया जाना चाहिए कि बच्चे को अलग-थलग करने से या उसे नीचा दिखाने से तो यह समस्या और बढ़ेगी। नशे की लत से मुक्त लोगों के पुनर्वास में लगी गैर सरकारी संस्थाओं से अपील करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि वे ऐसे व्यक्तियों से सहानुभूति रखें और उन्हें समाज का उपयोगी नागरिक बनने में सहायता करें। युवाओं को नशे की आदत छोड़ने के लिए प्रेरित करने के लिए - उनके पुनर्वास और पुर्नस्थापना की जरुरत पर बल देते हुए उपराष्ट्रपति ने कारपोरेट सैक्टर से आग्रह किया कि ऐसे व्यक्तियों को समाज के उपयोगी सदस्य के रूप में समाज की मुख्यधारा में वापस जोड़ने के लिए वह अपने CSR फंड का प्रयोग ऐसी गतिविधियों में करें।

इस अवसर पर सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री, थावरचंद्र गहलौत, राज्य मंत्री रामदास आठवले, कृष्णपाल गुर्जर, रतन लाल कटारिया तथा विभाग की सचिव नीलम साहनी सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

ताजा समाचार

National Report



Image Gallery
इ-अखबार - जगत प्रवाह
  India Inside News