नई दिल्ली, 05 जून 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
आवास एवं शहरी मामलों के माननीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी 6 जून, 2019 को नई दिल्ली में आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय में ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 लीग’ का शुभारंभ करेंगे। ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 लीग’ भारत के शहरों एवं कस्बों में स्वच्छता अथवा साफ-सफाई के तिमाही आकलन के रूप में होगी। इसे ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2020’ के साथ एकीकृत किया जाएगा, जो स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (एसबीएम-यू) के तत्वावधान में आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा जनवरी-फरवरी 2020 के बीच आयोजित किए जाने वाले शहरी भारत के वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण का पांचवां संस्करण होगा।
किसी स्वतंत्र थर्ड पार्टी (अन्य पक्ष) द्वारा किए जाने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण (एसएस) का उद्देश्य बड़े पैमाने पर नागरिकों की सहभागिता को बढ़ावा देना, कचरा मुक्त एवं खुले में शौच मुक्त शहर बनाने की दिशा में की जा रही पहलों की निरंतरता सुनिश्चित करना, थर्ड पार्टी के प्रमाणन द्वारा सत्यापित विश्वसनीय परिणाम सुनिश्चित करना, ऑनलाइन प्रक्रियाओं के जरिए मौजूदा प्रणालियों को संस्थागत रूप देना और शहरों एवं कस्बों को रहन-सहन की दृष्टि से बेहतर बनाने की दिशा में मिल-जुलकर काम करने की अहमियत के बारे में समाज के सभी वर्गों के बीच जागरूकता पैदा करना है। इसके अलावा, इस सर्वेक्षण का उद्देश्य शहरों और कस्बों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देना है, ताकि ज्यादा स्वच्छ शहर बनाने की दिशा में नागरिकों को बेहतर ढंग से विभिन्न सेवाएं मुहैया कराई जा सकें।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें निम्नलिखित हैं:
• 90,000 आवासीय/वाणिज्यिक क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया
• 64 लाख नागरिकों से प्राप्त जानकारियां एकत्रित की गईं
• 4.5 करोड़ लोगों तक सोशल मीडिया पहुंच सुनिश्चित की गई
• ‘स्वच्छ मंच’ के जरिए 1 करोड़ नागरिकों की सहभागिता हुई
स्वच्छ सर्वेक्षण लीग 2020 में शहरों का वास्तविक प्रदर्शन स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में उनकी रैंकिंग की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होगा क्योंकि तिमाही आकलनों के 25 प्रतिशत भारांक (वेटेज) को जनवरी 2020 में वार्षिक सर्वेक्षण में शामिल किया जाएगा।
उपर्युक्त सर्वेक्षण के शुभारंभ के अवसर पर आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय में सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा और प्रधान सचिव, राज्य मिशनों के निदेशक और पांच लाख एवं उससे ज्यादा की आबादी वाले 106 शहरों के नगर निगम आयुक्त भी इसमें शिरकत करेंगे। ये नगर निगम आयुक्त वीडियो कांफ्रेंस के जरिए इस कार्यक्रम से जुड़ेंगे।