नई दिल्ली, 22 अप्रैल 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
भारतीय जनता पार्टी सांसद मीनाक्षी लेखी द्वारा दायर अवमानना याचिका के संबंध में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया। अपने जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने चुनाव प्रचार के आवेश में आकर वह बयान दिया था जिसके लिए वह खेद जताते हैं। उन्होंने कहा कि उनका कोर्ट की अवमानना करने का कोई इरादा नहीं था। सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को अब इस मामले की सुनवाई करेगा।
याचिका की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि कोर्ट ने इस तरह का बयान कभी नहीं दिया है और हम इस मसले पर सफाई मांगेंगे। कोर्ट ने राहुल गांधी को निर्देश दिया कि वह ‘चौकीदार नरेंद्र मोदी चोर हैं’ संबंधी अपनी टिप्पणी को राफेल मामले में अदालत के फैसले से ‘गलत तरह से’ जोड़ने पर स्पष्टीकरण दें।
॥●॥ टिकटॉक मामला : सुप्रीम कोर्ट ने कहा "बैन के मामले में मद्रास हाइकोर्ट 24 अप्रैल तक लें फैसला"
विवादों में घिरे वीडियो ऐप टिकटॉक पर बैन के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मद्रास हाईकोर्ट 24 अप्रैल को अंतरिम रोक के आदेश पर विचार कर फैसला अपना फैसला दे। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट तौर पर कहा कि यदि 24 अप्रैल को मद्रास हाइकोर्ट आखिरी फैसला नहीं लेगा तो ऐप पर लगा बैन हटा दिया जाएगा।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार किया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल मद्रास हाई कोर्ट मामले की सुनवाई कर रहा है। टिकटॉक के मालिकाना हक वाली कंपनी बाइट डांस ने कहा कि मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने कंपनी के पक्ष की गैरमौजूदगी में ऐप बैन करने का एक तरफा फैसला सुनाया था। इसे आधार बनाकर कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील कर मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी जो सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी।
मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने 3 अप्रैल को आदेश पारित कर सरकार को देश में टिकटॉक के डाउनलोड पर रोक लगाने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट का तर्क था कि टिकटॉक ऐप से पोर्नोग्राफी को बढ़ावा मिलता है। भारत के गांवों और छोटे शहरों में खूब पसंद किए जा रहे टिकटॉक के जरिए 15 सैकेंड तक के वीडियो बना कर शेयर किए जा सकते हैं।