नई दिल्ली, 13 मार्च 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
जम्मू-कश्मीर में स्थिति का आकलन करने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त तीन विशेष पर्यवेक्षक, डॉ• नूर मोहम्मद, आईएएस (1977 में सेवानिवृत्त), विनोद जुत्शी, आईएएस (1982 में सेवानिवृत्त) और ए• एस• गिल, आईपीएस (1972 में सेवानिवृत्त) ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा, निर्वाचन आयुक्तों - अशोक लवासा और सुशील चंद्र के साथ सोमवार 12 मार्च को निर्वाचन आयोग मुख्यालय, नई दिल्ली में मुलाकात की।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा ने विशेष केंद्रीय पर्यवेक्षकों का स्वागत करते हुए उन्हें इस कठिन और नाजुक कार्य को स्वीकार करने के लिए आभार व्यक्त किया। इनके कार्य में निर्वाचन आयोग द्वारा 10 मार्च, 2019 को चुनावों की समय सारिणी की घोषणा करते समय दिए गए प्रैस वक्तव्य के पैरा-62 के संदर्भ में वास्तविक समय आधार पर जम्मू कश्मीर की स्थिति का आकलन करना शामिल है-
‘’62. यह आयोग जम्मू-कश्मीर में स्थिति की नियमित रूप से और वास्तविक समय आधार पर निगरानी करेगा और जम्मू-कश्मीर में जल्दी ही विधानसभा चुनाव कराने के निर्णय के संबंध में सभी आवश्यक पक्षों से जानकारी प्राप्त करेगा।
बैठक के दौरान विशेष पर्यवेक्षकों से यह अनुरोध किया गया है कि वे जल्द से जल्द राज्य का दौरा करें। जिसे उन्होंने स्वीकार किया। निर्वाचन आयुक्तों - अशोक लवासा और सुशील चंद्र ने लगभग दो घंटे चले बातचीत सत्र के दौरान उन्हें आवश्यक जानकारी दी।
राज्य के प्रभारी संदीप सक्सेना ने उन्हें जम्मू–कश्मीर में चुनाव की तैयारियों और राज्य के संबंध में अन्य जानकारी से अवगत कराया। आयोग ने उनके साथ उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों के बारे में भी विचार-विमर्श किया। तीनों केंद्रीय पर्यवेक्षकों को राज्य का दौरा करने और राजनीतिक दलों, जिला एवं राज्य अधिकारियों और अन्य हितधारकों के साथ मुलाकात करके स्थिति का वास्तविक आकलन करने की जरूरत है।
ए• एस• गिल को कठिन क्षेत्रों में सुरक्षा प्रबंध के क्षेत्र में काम करने का व्यापक अनुभव है। वे जम्मू-कश्मीर में 1995 से 1997 तक सीआरपीएफ के आईजी रहे और बाद वे सीआरपीएफ के महानिदेशक पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। डॉ• नूर मोहम्मद भारत सरकार के पूर्व सचिव रहे हैं और उन्होंने उत्तर-प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में एक दशक से अधिक अवधि तक कार्य किया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग में उप चुनाव आयुक्त तथा अफगानिस्तान में कई वर्षों तक अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ तथा परामर्शदाता के रूप में काम किया है। विनोद जुत्शी केंद्र सरकार के पूर्व सचिव हैं, जिन्हें राज्य स्तर पर सीईओ, राजस्थान के रूप में एक दशक से भी अधिक अवधि तक चुनाव के क्षेत्र में काम करने का व्यापक अनुभव है। वे पांच वर्ष से अधिक समय तक भारतीय निर्वाचन आयोग में उप निर्वाचन आयुक्त रहे हैं।