मुख्तार अब्बास नकवी ने नव गठित केन्द्रीय वक्फ परिषद की बैठक की अध्यक्षता की



नई दिल्ली, 18 फरवरी 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज नई दिल्ली में कहा कि आजादी के बाद पहली बार केन्द्र सरकार समाज के जरूरतमंद वर्गों की शैक्षिक अधिकारिता तथा रोजगारपरक कौशल विकास के लिए देशभर की वक्फ संपत्तियों के उपयोग के संबंध में शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता दे रही है। आज नई दिल्ली में नवगठित केन्द्रीय वक्फ परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री नकवी ने कहा कि केन्द्र सरकार ने आजादी के बाद देश के पिछड़े क्षेत्रों के अल्पसंख्यकों, विशेषकर लड़कियों की शैक्षिक अधिकारिता तथा रोजगारपरक कौशल विकास को सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी सुविधाएं प्रदान की हैं। यह वर्ग आजादी के बाद से ही इन सुविधाओं से वंचित रहा है।

बैठक की शुरूआत में केन्द्रीय वक्फ परिषद ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद सुरक्षाकर्मियों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।

श्री नकवी ने कहा कि बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया गया है, ताकि देश के 308 जिलों में अल्पसंख्यकों, विशेषकर लड़कियों की सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक अधिकारिता और रोजगारपरक कौशल विकास सुनिश्चित किया जा सके। पूर्ववर्ती केन्द्र सरकार के शासन काल के दौरान देश के केवल 90 जिलों को अल्पसंख्यक समुदायों के विकास के लिए चिन्हित किया गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने अल्पसंख्यकों के लिए विकास कार्यक्रमों का देश के 308 जिलों तक विस्तार किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक अधिकारिता और रोजगारपरक कौशल विकास के लिए देशभर की वक्फ संपत्तियों को इस्तेमाल करने के संबंद्ध में अभियान बहुत सफल रहा है। उल्लेखनीय है कि देशभर में लगभग 5.77 लाख पंजीकृत वक्फ संपत्तियां हैं।

उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति (अवकाश प्राप्त) जकीउल्लाह खान के नेतृत्व में गठित 5 सदस्यीय समिति ने अपनी रिर्पोट सौंप दी है। समिति का गठन वक्फ संपत्ति पट्टा नियम की समीक्षा करने के लिए किया गया था। आज की बैठक में इस समिति के सुझावों पर चर्चा की गयी। उन्होंने कहा कि समिति के सुझावों से वक्फ नियमों को आसान और कारगर बनाने में मदद मिलेगी, ताकि वक्फ संपत्तियों का बेहतर इस्तेमाल हो सके और इन संपत्तियों को विवादों से मुक्त किया जा सके। उल्लेखनीय है कि कई वक्फ संपत्तियां पिछले कई दशकों से विवादों में फंसी हैं। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद समिति की सिफारिशों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

श्री नकवी ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम’ (पीएमजेवीके) के तहत अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने आजादी के बाद पहली बार देशभर की वक्फ संपत्तियों पर स्कूल, कॉलेज, आईआईटी, कौशल विकास केन्द्र, बहुउद्देशीय सामुदायिक केन्द्र ‘सदभाव मंडप’, ‘हुनर हब’, अस्पताल, व्यापार केन्द्र इत्यादि निर्मित किए हैं।

पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में मोदी सरकार ने पीएमजेवीके के तहत 28 डिग्री कॉलेज, 2197 स्कूल इमारतें, 40,201 अतिरिक्त कक्षाओं, 1213 छात्रावासों, 191 आईआईटी, 50 पॉलीटेक्नीक, 39,586 आंगवाड़ी केन्द्रों, 405 सद्भावना मंडपों, 89 आवासीय स्कूलों, 527 बाजार शेडों का निर्माण किया है।

श्री नकवी ने कहा कि केन्द्रीय वक्फ परिषद, राज्य वक्फ बोडों को वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है ताकि निर्धारित अवधि के अंदर राज्य वक्फ बोर्ड डिजिटलीकरण का काम पूरा कर लें। मालूम हो कि 90 प्रतिशत वक्फ संपत्तियों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है। शेष वक्फ संपत्तियों का भी जल्द डिजिटलीकरण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान सरकार ने अल्पसंख्यक समुदायों के लगभग 3 करोड़ 83 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की है, जिनमें लगभग 60 प्रतिशत छात्रायें हैं। अल्पसंख्यकों सहित सभी कमजोर वर्गों को शैक्षिक रूप से अधिकार संपन्न बनाने के संबंद्ध में केन्द्र सरकार ने बहुत प्रयास किए हैं। बीच में पढ़ाई छोड़ देने वाली मुस्लिम छात्राओं का औसत 70 प्रतिशत से अधिक हुआ करता था। केन्द्र सरकार के प्रयासों के कारण यह घटकर लगभग 35 प्रतिशत हो गया है। श्री नकवी ने कहा कि हमारी सरकार अभियान के तहत काम कर रही है और आने वाले वर्षों में इसे शून्य प्रतिशत कर दिया जाएगा।

केन्द्र सरकार ने विभिन्न रोजगारपरक कौशल विकास योजनाओं के जरिए 6 लाख से अधिक अल्पसंख्यक युवाओं को रोजगार और रोजगार अवसर प्रदान किए हैं। इसी तरह ‘हुनर हाट’ के जरिए पिछले दो वर्षों के दौरान दो लाख से अधिक दस्तकारों को रोजगार और रोजगार अवसर प्रदान किये गये हैं।

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