नई दिल्ली, 01 फरवरी 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
संसद में आज अंतरिम बजट 2019-2020 पेश करते हुए वित्त, कार्पोरेट मामले, रेल और कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि 2018-2019 बजट अनुमान की तुलना में 2019-2020 बजट अनुमान में पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए आवंटन में 21 प्रतिशत की वृद्धि करके उसे 58,166 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है। पूर्वोत्तर के लोगों को ढांचागत विकास के महत्वपूर्ण लाभ भी प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश हाल में वायु मानचित्र पर आ गया है। इसी तरह मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम भी पहली बार भारत के रेल मानचित्र पर आ गये हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ब्रहमपुत्र नदी की नौवहन क्षमता में सुधार करके पूर्वोत्तर के लिए माल आवागमन शुरू करेगी। श्री गोयल ने कहा कि असम और अरुणाचल प्रदेश में बोगीबील रेल व सड़क पुल जैसी परियोजनायें दशकों से लंबित पड़ी थीं, जिन्हें पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि सिक्किम में पेक्योंग हवाई अड्डा शुरू कर दिया गया है और इस तरह देश में चालू हवाई अड्डों की संख्या 100 से अधिक हो गयी है।
पूर्वोत्तर क्षेत्र में कार्यान्वित होने वाली प्रमुख योजनाओं के लिए बजट आवंटन इस प्रकार है-
(करोड़ रुपये में)
●योजना
2017-18 वास्तविक
2018-19 बजट अनुमान
2018-19 संशोधित अनुमान
2019-20 बजट अनुमान
●पूर्वोत्तर परिषद की योजनायें
335
380
607
580
●पूर्वोत्तर और सिक्किम के लिए संसाधनों के केन्द्रीय पूल
861
1000
781
931
●पूर्वोत्तर क्षेत्र सहित अन्य भुगतान योग्य राज सहायता
282
608
513
674
●पूर्वोत्तर क्षेत्र और पहाड़ी राज्यों में औद्योगिक इकाईयों को केन्द्रीय और एकीकृत जीएसटी का पुनर्भुगतान
169
1500
1500
1700