नई दिल्ली, 20 जनवरी 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
पंचायती राज मंत्रालय में विशेष सचिव डॉ• बाला प्रसाद ने कहा है कि पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों (ईडब्ल्यूआर) की भागीदारी से ग्रामीण क्षेत्रों में महत्वीपूर्ण परिवर्तन हुआ है। पंचायती राज मंत्रालय, संयुक्त राष्ट्र महिला और राष्ट्रीय ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज संस्थाहन (एनआईआरडी एंड पीआर) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई) में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों (ईडब्ल्यूआर) के राष्ट्रीय सम्मेतलन में समापन संबोधन देते हुए उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई) में नई कार्य संस्कृति विकसित हुई है। शनिवार को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में सम्पनन्न हुए सम्मेवलन में डॉ• प्रसाद ने कहा कि सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में शामिल हुए जानकार व्यक्तियों ने मंत्रालय को काफी मूल्यवान सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा कि पंचायती राज मंत्रालय गांवों के लिए आगे की योजना बनाते समय उन सभी सुझावों पर उचित ध्यान देगा।
इससे पहले दूसरे दिन सम्मेलन के विभिन्न सत्रों के दौरान जानकार व्यक्तियों और प्रतिभागियों ने लैंगिक विश्लेषण और मुख्यधारा, लैंगिक बजट कार्य, ईडब्ल्यूआर का क्षमता निर्माण, ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक विकास के लिए आजीविका के साधन उत्प नई करना और एसएचजी-पीआरआई जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
समापन सत्र से पहले ईडब्ल्यूआर और प्रतिभागी काफी उत्साहित थे। सम्मेलन के दौरान इस बात पर बल दिया गया कि स्थानीय लोकतंत्र की लैंगिक जवाबदेही के लिए अब केवल लैंगिक प्रतिनिधित्व ही नहीं, बल्कि इससे आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
पंचायती राज मंत्रालय और संयुक्त राष्ट्र महिला भारत ने विचार-विमर्श के दौरान अपनी साझेदारी को जारी रखने पर सहमति जताई, जिसका उद्देश्य लैंगिकता से जुड़े अंतराल को भरना और महिलाओं द्वारा झेले जाने वाले खतरों से निपटना तथा पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई) के सभी स्तरों पर समावेशी शासन को बढ़ावा देना है।
राष्ट्रीय सम्मेलन का परिणाम अपेक्षा के अनुरूप था, जिसमें निर्णय लेने और विकास तथा लैंगिक जवाबदेही वाले स्थानीय शासन को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण जानकारियों, उपकरणों और प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने में ग्रामीण महिला नेताओं की संपूर्ण और प्रभावी भागीदारी में असमर्थता पर ध्यान केंद्रित किया गया।
यह आयोजन महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देने, महिलाओं के जीवन की वास्तविकता का दस्तावेजीकरण करने और प्रमुख कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में प्रगति तथा अंतराल एवं पीआरआई में महिलाओं की पूर्ण भागीदारी को प्रभावित करने वाले मुद्दों को समझने के अवसर के साथ ही सरकार, पंचायतों और अन्य संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए एक अच्छा अवसर था। इस प्रकार, कुल मिला कर उद्देश्य ईडब्ल्यूआर के नेतृत्वक में उन उपायों पर कार्य करना होगा जो कारगर साबित हुए और जिनपर आगे कार्रवाई की आवश्यकता है।