नई दिल्ली, 07 जनवरी 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
लोकसभा चुनाव 2019 में होना है और तिथि नजदीक है। ऐसे में सवर्णों को आरक्षण देने का फैसला बीजेपी के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। हाल ही में संपन्न हुए मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में बीजेपी की हार हुई थी। इस हार के पीछे सवर्णों की नाराजगी को अहम वजह बताया जा रहा है। केंद्र सरकार ने फैसला लिया है कि वह सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देगी। सोमवार को मोदी कैबिनेट की हुई बैठक में आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण का फैसला लिया गया है। यह आरक्षण आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को दिया जाएगा। खबर है कि लोकसभा में मंगलवार को मोदी सरकार आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को आरक्षण देने संबंधी बिल पेश कर सकती है। वहीं सरकार संविधान में संशोधन के लिए बिल ला सकती है।
सरकार के इस बड़े फैसले का भारतीय जनता पार्टी ने स्वागत किया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि गरीब सवर्णों को आरक्षण मिलना चाहिए। सबका साथ सबका विकास के तहत सरकार ने सवर्णों को उनका हक दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की जनता के लिए काम कर रहे हैं।