नई दिल्ली, 03 जनवरी 2019, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
तेल, गैस और ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्टता का केंद्र स्थापित करने के लिए आईआईटी बॉम्बे के निदेशक और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कम्पनियों और ईआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशकों (सीएमडी) बीच बुधवार 02 जनवरी 2019 को सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलिम एवं प्राकृतिक गैस तथा कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा पेट्रोलिम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में सचिव डॉ• एम• एम• कुट्टी भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इस सहमति पत्र पर हस्ताक्षर होने से तेल, गैस और ऊर्जा क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे मिशन ग्रीन की आवश्यकताओं की पूर्ति होगी तथा क्षमता निर्माण भी होगा। उन्होंने कहा कि ऊर्जा आधुनिक विश्व की समस्त गतिविधियों की परम आवश्यकता है। ऊर्जा के लिए भारत की उत्कट इच्छा दिनों दिन बढ़ती जा रही है और हमें ऊर्जा के स्वच्छ, किफायती तथा सुगम स्रोत उपलब्ध कराने होंगे। उन्होंने कहा कि घरेलू स्रोतों के माध्यम से उत्पादन में व्यापक पैमाने पर वृद्धि किए जाने तथा विकेंद्रीकरण के माध्यम से वितरण किए जाने की जरूरत है। श्री प्रधान ने कहा कि प्रौद्योगिकीय और औद्योगिक परिवर्तन बहुत तेजी से हो रहे हैं और अकादमिक एंव औद्योगिक संगठनों के एक साथ आने से बेहतर नतीजे सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि नतीजों को प्रभावी बनाने के लिए अकादमिक अनुसंधान को उद्यमिता मोड में लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सहमति पत्र निष्कर्ष आधारित होना चाहिए और उसमें विकास के लिए योजना होनी चाहिए तथा उन्हें दूसरों के लिए एक मिसाल बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत एक विशाल ऊर्जा बाजार है तथा हमारे अपने पेट्रोलियम मानक तैयार करने के प्रयास किए जाने चाहिए। हमें जैव ईंधन संरक्षण और हाइड्रोजन आधारित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनने का प्रयास किया जाना चाहिए। एक प्रमुख संस्थान होने के नाते आईआईटी बॉम्बे को कमियां दूर करनी चाहिए तथा इस क्षेत्र की नई कार्यनीतियां बनाने में मदद करनी चाहिए।
तेल और गैस उद्योग को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ दिलाने के लिए तेल और गैस क्षेत्र की सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनियां और आईआईटी बॉम्बे ‘’तेल, गैस और ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्टता का केंद्र’’ स्थापित करने के लिए एक साथ आए हैं। उत्कृष्टता के केंद्र का लक्ष्य तेल, गैस और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोगपूर्ण अनुसंधान एवं क्षमता निर्माण करना है। यह भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए टिकाऊ समाधानों का विकास करने और प्रौद्योगिकी में नए क्षेत्रों का पता लगाने की दिशा में कार्य करेंगे। उत्कृष्टता का केंद्र आईआईटी बॉम्बे और तेल एवं गैस उद्योग के पास उपलब्ध विशेषज्ञता का लाभ उठाएंगे। यह उद्योग- अकादमिक परस्पर प्रभावों के लिए संस्थागत मंच भी उपलब्ध कराएगा। उत्कृष्टता के केंद्र से नवाचारों को प्रोत्साहन मिलने तथा देश में भविष्य के लिए तत्पर ऊर्जा उद्योग के विकास में मदद मिलने की संभावना है ।